देश में मानसून की विदाई का दौर शुरू हो चुका है। इसके बावजूद कई राज्यों में बारिश लौट आई है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से मौसम बदला है। इसका असर उत्तर और मध्य भारत तक दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली में बारिश की संभावना है। वहीं, उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा बना है।
राजस्थान और गुजरात के कई हिस्सों से मानसून विदा हो चुका है। हरियाणा और दिल्ली में भी वापसी दर्ज की गई है। इसके बाद भी नए मौसम सिस्टम ने नमी बढ़ा दी है। इससे कई क्षेत्रों में बारिश का दौर फिर शुरू हुआ है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़ी बारिश
बंगाल की खाड़ी में एक डिप्रेशन सक्रिय हुआ है। यह सिस्टम ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आगे बढ़ा। इसके बाद इसका प्रभाव मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक पहुंचा। सिस्टम के कारण वातावरण में नमी बढ़ी है।
नमी वाली हवाओं के कारण बादल मजबूत हुए हैं। इससे बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। कई स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बनी है। मौसम विभाग ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है।
पश्चिमी विक्षोभ ने भी बदला मौसम
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इसके कारण पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम बदला है। बंगाल की खाड़ी से आई नमी इसके साथ मिल रही है। इससे बारिश और गरज-चमक बढ़ सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम सुहावना हुआ है। कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चली हैं। उत्तर भारत के दूसरे हिस्सों में भी इसका असर देखा जा रहा है।
यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा
उत्तर प्रदेश में कई इलाकों में तेज बारिश हुई है। कुछ जिलों में जलभराव की स्थिति बनी है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है। इससे नदियों और निचले इलाकों में खतरा बढ़ सकता है।
उत्तराखंड में भी भारी से बेहद भारी बारिश का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बनी है। अचानक बाढ़ का खतरा भी कुछ इलाकों में रह सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से बदला मौसम
दिल्ली में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश हुई है। नए मौसम सिस्टम से वातावरण में नमी बढ़ी है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। अगले कुछ दिनों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
हरियाणा और पंजाब में भी मौसम सक्रिय रह सकता है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
मध्य भारत में भी बारिश का असर
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में डिप्रेशन का असर बना हुआ है। कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। मध्य प्रदेश में भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी है।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी बारिश हो सकती है। सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। बिहार और झारखंड में भी कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है।
मानसून वापसी पर क्यों पड़ा असर
मानसून की विदाई के दौरान बारिश का लौटना असामान्य नहीं है। सक्रिय मौसम प्रणालियां वातावरण में नमी बढ़ा सकती हैं। इससे विदाई की प्रक्रिया कुछ समय के लिए धीमी हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा है। दूसरी ओर, पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। दोनों प्रणालियों के प्रभाव से बारिश का दायरा बढ़ा है।
बारिश का दौर कब तक रह सकता है
उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रह सकती है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में इसका असर ज्यादा रहेगा। दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश की संभावना बनी रहेगी।
मध्य भारत में भी बारिश धीरे-धीरे कम हो सकती है। पूर्वी भारत में कुछ स्थानों पर बौछारें जारी रह सकती हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर कुछ दिन रह सकता है।
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भी गरज के साथ बारिश संभव है। सितंबर के अंत तक मौसम में बदलाव जारी रह सकता है। इसके बाद कई क्षेत्रों में मौसम साफ होने लगेगा।
मानसून की विदाई कब होगी
मानसून की वापसी मौसम की कई स्थितियों पर निर्भर करती है। बारिश में लगातार कमी इसका प्रमुख संकेत होती है। वातावरण में नमी घटने के बाद विदाई आगे बढ़ती है।
मौजूदा मौसम सिस्टम के कारण कुछ क्षेत्रों में प्रक्रिया धीमी हुई है। हालांकि, बारिश का दौर कमजोर होने के बाद विदाई फिर आगे बढ़ सकती है। अक्टूबर की शुरुआत में कई क्षेत्रों में मौसम साफ होने की उम्मीद है।

