कोलाहल विधेयक 2026 पर जनता से मांगी राय, 30 दिन में भेज सकेंगे सुझाव

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छत्तीसगढ़ सरकार ने कोलाहल विधेयक 2026 के प्रारंभिक प्रारूप पर सुझाव मांगे हैं। गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी ने इसका मसौदा तैयार किया है। नागरिकों और संस्थाओं को अपनी राय रखने का अवसर दिया गया है।

राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया में आम नागरिकों के साथ विशेषज्ञों को भी शामिल किया है। संबंधित हितधारक प्रस्तावित प्रावधानों पर सुझाव दे सकते हैं। इसके अलावा, किसी प्रावधान पर आपत्ति भी दर्ज कराई जा सकती है।

कोलाहल विधेयक 2026 का प्रारूप वेबसाइट पर उपलब्ध

गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। इसी के आधार पर नए विधेयक का प्रारंभिक मसौदा बनाया गया है।

कोलाहल विधेयक 2026 का प्रारूप हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध कराया गया है। नागरिक इसे पुलिस विभाग की वेबसाइट के नोटिस और प्रेस रिलीज सेक्शन में देख सकते हैं।

प्रारूप का अध्ययन करने के बाद संबंधित पक्ष अपनी राय भेज सकते हैं। इससे प्रस्तावित प्रावधानों पर लोगों के सुझाव शासन तक पहुंचेंगे।

कोलाहल विधेयक 2026 पर 30 दिन में भेजें सुझाव

राज्य शासन ने सुझाव और आपत्तियां भेजने के लिए 30 दिनों का समय दिया है। इस अवधि में नागरिक प्रस्तावित विधेयक का अध्ययन कर सकते हैं।

विषय विशेषज्ञ और संबंधित संस्थाएं भी अपनी प्रतिक्रिया भेज सकती हैं। किसी प्रावधान से संबंधित सुझाव को स्पष्ट तरीके से दर्ज किया जा सकता है।

इस प्रक्रिया से प्रस्तावित विधेयक पर अलग-अलग पक्षों की राय सामने आएगी। इसके बाद शासन स्तर पर प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा।

कहां भेजें अपनी राय और आपत्ति?

प्रस्तावित विधेयक पर सुझाव या आपत्ति रखने वाले पक्ष डाक के जरिए अपनी बात भेज सकते हैं। इसके लिए शासन ने निर्धारित पता जारी किया है।

सुझाव प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, गृह एवं जेल विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर के पते पर भेजे जा सकते हैं।

संबंधित पक्षों को 30 दिनों की निर्धारित समय-सीमा का ध्यान रखना होगा। सुझाव भेजने से पहले प्रारूप को ध्यान से पढ़ना उपयोगी रहेगा।

नागरिकों और संस्थाओं की भागीदारी

कोलाहल विधेयक 2026 के प्रारूप पर सुझाव मांगने से नागरिकों को अपनी बात रखने का अवसर मिला है। इसमें आम लोगों के साथ विशेषज्ञ और संबंधित हितधारक भी शामिल हैं।

प्रस्तावित विधेयक अभी प्रारंभिक प्रारूप के स्तर पर है। इसलिए नागरिक इसके प्रावधानों पर अपनी राय साझा कर सकते हैं।

प्राप्त सुझावों से सरकार को विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रिया मिलेगी। इसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

सुझाव भेजते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • पुलिस विभाग की वेबसाइट पर प्रारूप देखें।
  • हिंदी या अंग्रेजी दस्तावेज पढ़ें।
  • संबंधित प्रावधान पर स्पष्ट राय दें।
  • सुझाव 30 दिनों के भीतर भेजें।
  • निर्धारित सरकारी पते का उपयोग करें।

कोलाहल विधेयक 2026 को लेकर फिलहाल सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। नागरिक और संस्थाएं तय अवधि में अपनी बात रख सकती हैं।

इस प्रक्रिया में जनता की भागीदारी को स्थान दिया गया है। प्राप्त प्रतिक्रियाओं के बाद प्रस्तावित विधेयक को लेकर आगे की प्रक्रिया तय होगी।

 

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