कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती दिखाई गई। सड़क के बीच पशु बैठे मिलने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नाराजगी जताई। उन्होंने देर रात बेमेतरा टोल प्लाजा के पास वाहन रुकवाया। इसके बाद अधिकारियों से मौके पर ही व्यवस्था की जानकारी ली। हाइवे पेट्रोलिंग और पशु रेस्क्यू की स्थिति पर उन्होंने जवाब मांगा।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से नियमित निरीक्षण की जानकारी ली। उन्होंने सड़क सुरक्षा समिति के फैसलों के तहत हो रहे काम पूछे। अधिकारियों ने नियमित निरीक्षण किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद पेट्रोलिंग वाहन को मौके पर बुलाया गया।
सड़क पर पशु मिलने पर अधिकारियों को फटकार
विजय शर्मा ने मौके पर मौजूद स्थिति को गंभीरता से लिया। उन्होंने सड़क पर पशुओं की मौजूदगी पर नाराजगी जताई। साथ ही संबंधित अधिकारियों से रेस्क्यू की जानकारी मांगी।
पेट्रोलिंग वाहन द्वारा किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन भी पूछे गए। रोजाना होने वाले निरीक्षण की जानकारी भी ली गई। हाइवे पेट्रोलिंग से जुड़े दूसरे कार्यों की भी समीक्षा हुई। उन्होंने व्यवस्था में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
गौवंश को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने सड़क पर मिले पशुओं को तत्काल हटाने को कहा। उन्होंने उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे मार्ग की लगातार निगरानी करने को कहा।
उन्होंने कहा कि सड़क पर पशुओं की मौजूदगी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इससे पशुओं और वाहन चालकों दोनों को खतरा रहता है। रात के समय कम दृश्यता से जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए पेट्रोलिंग दल को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।
स्थानीय लोगों से भी ली जाएगी जानकारी
विजय शर्मा ने मार्ग से जुड़े गांवों को निगरानी व्यवस्था से जोड़ने को कहा। उन्होंने स्थानीय लोगों से पेट्रोलिंग गतिविधियों की जानकारी लेने के निर्देश दिए। इससे सड़क पर पशुओं की सूचना समय पर मिल सकेगी।
समय पर सूचना मिलने से रेस्क्यू टीम तेजी से कार्रवाई करेगी। इससे संभावित दुर्घटनाओं को भी रोकने में मदद मिलेगी। हाइवे पेट्रोलिंग व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश:
- कवर्धा से बेमेतरा तक नियमित निरीक्षण किया जाए।
- सड़क पर मिले पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए।
- पशु रेस्क्यू की नियमित जानकारी रखी जाए।
- स्थानीय लोगों से पेट्रोलिंग संबंधी फीडबैक लिया जाए।
लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने सड़क सुरक्षा और गौवंश की रक्षा को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने कहा कि काम में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही पेट्रोलिंग व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। हाइवे पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाने के लिए जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया गया।
रात में बढ़ता है सड़क हादसों का खतरा
रात्रि के समय सड़क पर दृश्यता कम हो जाती है। ऐसे में सड़क पर बैठे पशु आसानी से दिखाई नहीं देते। अचानक पशु सामने आने से वाहन चालक के लिए खतरा बढ़ जाता है।
इसलिए नियमित निरीक्षण और तत्काल रेस्क्यू जरूरी है। समय पर कार्रवाई से दुर्घटनाओं का जोखिम कम किया जा सकता है। इसी वजह से मार्ग पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम:
- रात में मार्ग की नियमित निगरानी।
- पशुओं की सूचना मिलते ही रेस्क्यू।
- पेट्रोलिंग गतिविधियों की नियमित समीक्षा।
- संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करना।
पशुओं और वाहन चालकों दोनों की सुरक्षा
कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर सड़क सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय है। सड़क पर पशुओं की मौजूदगी से दोहरा खतरा पैदा होता है। इससे गौवंश के घायल होने की आशंका रहती है।
वहीं वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बढ़ता है। ऐसे में नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी है। स्थानीय स्तर पर निगरानी से भी व्यवस्था बेहतर हो सकती है।
कुल मिलाकर, उप मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जवाब लिया। उन्होंने रेस्क्यू और निरीक्षण व्यवस्था की जानकारी भी ली। साथ ही हाइवे पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
कार्यवाही से जुड़े प्रमुख बिंदु:
- बेमेतरा टोल प्लाजा के पास स्थिति का जायजा लिया गया।
- पेट्रोलिंग वाहन को मौके पर बुलाया गया।
- पशु रेस्क्यू की जानकारी ली गई।
- नियमित निरीक्षण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

