छत्तीसगढ़ में रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण से युवाओं को अवसर

CG DARSHAN
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छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार कर रही है। इसके लिए रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग ने कई संस्थाओं के साथ सहयोग की पहल की है। इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और रोजगार से जुड़े कौशल सीखने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विभाग तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। विभागीय मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन में भी कई कदम उठाए गए हैं। इनमें उद्योगों के साथ समझौते, नए पाठ्यक्रम और संस्थानों की गुणवत्ता का मूल्यांकन शामिल है।

चार संस्थाओं के सहयोग से मिलेगा प्रशिक्षण

राज्य स्तरीय रोजगार मेला 2026 के समापन पर चार संस्थाओं के साथ सहयोग की पहल की गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना है। इससे युवाओं को रोजगार के लिए अपनी तैयारी बेहतर करने में मदद मिलेगी।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण देगी। यह प्रशिक्षण कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों के तहत निःशुल्क दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और व्यावहारिक कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा।

अडानी समूह आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण देगा। वहीं, नांदी फाउंडेशन संवाद कौशल और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देगा। विद्यार्थियों को अंग्रेजी बोलने, साक्षात्कार देने और कार्यस्थल पर संवाद करने का प्रशिक्षण मिलेगा।

पिछले वर्ष नांदी फाउंडेशन के माध्यम से छह हजार से अधिक विद्यार्थी प्रशिक्षित हुए थे। इस वर्ष भी लगभग 48 से 50 घंटे का प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके अलावा, जंगल सफारी से जुड़े विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण के लिए भी सहयोग बढ़ाया जा रहा है।

पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने की तैयारी

प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष मूल्यांकन कराया गया है। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने यह थर्ड पार्टी मूल्यांकन किया। इसमें प्रशिक्षण व्यवस्था, शैक्षणिक स्तर और उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा हुई।

मूल्यांकन रिपोर्ट में संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए सुझाव दिए गए हैं। इनके आधार पर आधुनिकीकरण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा मिल सकेगी।

आईटीआई में आधुनिक तकनीक के नए पाठ्यक्रम

राज्य सरकार आईटीआई और पॉलिटेक्निक के पाठ्यक्रमों को बदलती जरूरतों से जोड़ रही है। पुराने और अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर नए विकल्प शामिल किए जा रहे हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों पर विशेष जोर रहेगा।

इन पाठ्यक्रमों से विद्यार्थियों को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। साथ ही, वे उद्योगों में होने वाले बदलावों के लिए बेहतर तैयार हो सकेंगे। रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण से तकनीकी शिक्षा और नौकरी की जरूरतों के बीच तालमेल बढ़ाने का प्रयास होगा।

डिजिटल रोजगार पोर्टल बनेगा स्किल मार्केट

विभाग डिजिटल रोजगार पोर्टल को स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इस मंच पर उद्योगों की जरूरतें और रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है। रोजगार चाहने वाले युवाओं का विवरण भी यहां जोड़ा जा सकेगा।

युवा अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वहीं, कंपनियां अपनी जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित उम्मीदवारों का चयन कर सकेंगी। इससे भर्ती प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है।

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

राज्य सरकार प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। आधुनिक पाठ्यक्रम, व्यावहारिक अनुभव और डिजिटल सेवाएं इस पहल के प्रमुख हिस्से हैं। इन प्रयासों से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है।

आने वाले समय में प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उद्योगों की भागीदारी अहम रहेगी। युवाओं को अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार कौशल सीखने के अवसर मिलेंगे। इससे छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी।

 

 

 

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