रायपुर में 11 अक्टूबर 2026 को शक्ति स्वरूपा कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इसमें शामिल हुए। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। साथ ही, महिलाओं से संवाद कर उनके योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा की अहम भागीदार हैं। उन्हें केवल सरकारी योजनाओं का लाभार्थी नहीं बनाना चाहिए। इसके बजाय, उन्हें नेतृत्व और रोजगार के अवसर भी मिलने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने महिला नेतृत्व को बताया जरूरी
शक्ति स्वरूपा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार में उनकी भागीदारी जरूरी है। इसके अलावा, महिलाओं को उद्यमिता के अवसर देना भी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारतीय परंपरा में नारी के सम्मान का उल्लेख किया। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए प्रयास जारी रखने की बात कही।
महतारी वंदन योजना से लाखों महिलाओं को मदद
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल रही है। पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये दिए जाते हैं।
अब तक 32 किस्तों में 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है। इस सहायता से महिलाएं घरेलू जरूरतें पूरी कर सकती हैं। वे बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और पोषण पर भी खर्च कर सकती हैं।
इसके अलावा, आर्थिक सहायता से महिलाओं की बचत को बढ़ावा मिल सकता है। इससे परिवार के फैसलों में उनकी भागीदारी भी मजबूत हो सकती है। सरकार पात्र महिलाओं की समस्याओं के समाधान पर भी काम कर रही है।
14 लाख ग्रामीण महिलाएं बनीं लखपति दीदी
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदेश में 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। स्व-सहायता समूह महिलाओं को आजीविका से जोड़ने में मदद कर रहे हैं।
इन समूहों के जरिए महिलाएं आय बढ़ाने के अवसर तलाश रही हैं। साथ ही, वे स्वरोजगार और छोटे उद्यमों की ओर भी बढ़ रही हैं। इससे ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती मिल सकती है।
मां के संघर्ष से मिली सेवा की प्रेरणा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने जीवन से जुड़ी बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनका जन्म किसान परिवार में हुआ था। बचपन में पिता के निधन के बाद उनकी मां ने परिवार संभाला।
कठिन परिस्थितियों में भी मां ने बच्चों की शिक्षा और संस्कारों का ध्यान रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके जीवन पर मां के संघर्ष का गहरा प्रभाव पड़ा। जनसेवा और संवेदनशीलता की प्रेरणा भी उन्हें परिवार से मिली।
बस्तर में फिर शुरू हुए 421 स्कूल
मुख्यमंत्री ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सल हिंसा के कारण बंद 421 स्कूल फिर शुरू किए गए हैं। इससे बच्चों को पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिला है।
शिक्षा के साथ सुरक्षा और रोजगार के अवसर भी जरूरी हैं। इनसे लड़कियों को अपने सपने पूरे करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें
- रायपुर में शक्ति स्वरूपा कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।
- महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।
- 32 किस्तों में 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित हुई।
- प्रदेश में 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं।
- बस्तर में 421 स्कूल दोबारा शुरू किए गए हैं।
महिलाओं की भागीदारी से विकास को मिलेगा बल
शक्ति स्वरूपा कार्यक्रम में महिलाओं की उपलब्धियों और उनकी भूमिका पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने उन्हें विकास की नेतृत्वकर्ता बनाने पर जोर दिया। वहीं, आर्थिक सहायता, शिक्षा और रोजगार को महत्वपूर्ण बताया।
महिलाओं को समान अवसर मिलने से उनकी भागीदारी बढ़ सकती है। सरकारी योजनाओं के साथ सामाजिक सहयोग भी जरूरी है। इससे महिलाएं परिवार, समाज और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकेंगी।

