एसआईआर याचिका पर राहुल गांधी समेत 11 नेता पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

CG DARSHAN
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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। इसमें मतदाता सूची से नाम हटाने और कथित अनियमितताओं के मुद्दे उठाए गए हैं। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, याचिका में लगाए गए आरोपों पर अंतिम न्यायिक निर्णय आना बाकी है।

एसआईआर याचिका में किन 11 नेताओं के नाम हैं?

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं के नाम शामिल हैं। इनमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि भी हैं। याचिकाकर्ताओं की सूची में शामिल 11 नेताओं के नाम इस प्रकार हैं:

  • राहुल गांधी — भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
  • मल्लिकार्जुन खरगे — कांग्रेस अध्यक्ष
  • सौगत राय — तृणमूल कांग्रेस
  • अखिलेश यादव — समाजवादी पार्टी
  • तेजस्वी प्रसाद यादव — राष्ट्रीय जनता दल
  • संजय राउत — शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
  • एम. ए. बेबी — भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
  • डी. राजा — भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
  • महुआ माजी — झारखंड मुक्ति मोर्चा
  • सुप्रिया सुले — राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार)
  • ई. टी. मोहम्मद बशीर — इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग

इन नेताओं ने मतदाता सूची की प्रक्रिया से जुड़े सवाल न्यायालय के सामने रखे हैं। उनका आरोप है कि पुनरीक्षण के दौरान कई नाम हटाए गए। विपक्ष ने इस प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी चिंता जताई है।

चुनाव आयोग के अधिकारियों को भी बनाया गया प्रतिवादी

याचिका में भारत निर्वाचन आयोग को प्रतिवादी बनाया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम भी इसमें शामिल है। इसके अलावा, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को प्रतिवादी बनाया गया है।

विपक्षी नेताओं ने कथित तौर पर नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं। साथ ही, नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक निष्कर्ष के बिना नहीं मानी जा सकती।

मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का मामला क्या है?

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था। वे मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपना चाहते थे।

हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने मुलाकात से इनकार कर दिया। खबरों के अनुसार, उन्होंने संबंधित मामलों के न्यायालय में विचाराधीन होने का हवाला दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने न्यायिक प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल की।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची की जांच और संशोधन करना है। इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम सही रखना महत्वपूर्ण होता है। साथ ही, सूची में मौजूद गलत प्रविष्टियों की पहचान भी जरूरी है।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। दूसरी ओर, इस विवाद का समाधान तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए। इसलिए एसआईआर याचिका से जुड़ी आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आगे की न्यायिक कार्यवाही पर रहेगी नजर

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों को न्यायिक मंच पर पहुंचाया है। अब मामले में आगे होने वाली कार्यवाही पर नजर रहेगी। संबंधित पक्षों के तर्क और उपलब्ध तथ्यों से कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मतदाता सूची की शुद्धता और मतदान का अधिकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलू हैं। इसलिए इस मामले में आने वाले न्यायिक घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों के साथ मतदाताओं की भी नजर रहेगी।

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