छत्तीसगढ़ धान खरीदी 2026: 360 नए केंद्र, सिंचाई पर बड़ा निवेश

CG DARSHAN
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छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज बेचने में सुविधा देने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम कदमों की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह में कहा कि किसानों की आय बढ़ाना और कृषि सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सरकार की घोषणा के मुताबिक, 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू करने की तैयारी है। किसानों को नजदीक में सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 360 नए धान खरीदी केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के सुधार और नई योजनाओं के माध्यम से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

360 नए धान खरीदी केंद्रों से क्या बदलेगा?

राज्य सरकार का मानना है कि खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ने से किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने की परेशानी कम होगी। इससे समय और श्रम की बचत हो सकती है। साथ ही, मौजूदा केंद्रों पर भीड़ और कामकाज का दबाव घटने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ धान खरीदी 2026 के लिए की जा रही तैयारियों में किसानों की सुविधा को प्रमुखता दी गई है। सरकार के अनुसार, खरीदी प्रक्रिया को सुचारु बनाने और पात्र किसानों को अपनी उपज बेचने में मदद देने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

हालांकि, किसानों को अपने नजदीकी केंद्र, पंजीयन, टोकन और अन्य नियमों की जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना पर नजर रखनी चाहिए।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में खेती की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि से बड़ी संख्या में लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। ऐसे में किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार का असर गांवों के विकास पर भी पड़ता है।

सरकार का उद्देश्य खेती की लागत कम करने, उपज का उचित मूल्य दिलाने और आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। कृषि अनुसंधान, नई तकनीक, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती जैसे क्षेत्रों में काम को भी कृषि विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।

सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत

खेती के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता किसानों की उत्पादकता को प्रभावित करती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की नई सिंचाई परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

इसके अलावा, करीब 1,500 पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन कार्यों के पूरा होने पर सिंचित क्षेत्र में लगभग 76 हजार हेक्टेयर की बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई गई है।

इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव परियोजनाओं सहित कई अन्य योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का लक्ष्य अधिक खेतों तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाना और वर्षा पर निर्भरता घटाना है।

उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह में प्रगतिशील किसानों का सम्मान

रायपुर के सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में उनके योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि परंपरागत अनुभव के साथ नई तकनीक अपनाने वाले किसान अन्य लोगों को भी प्रेरित करते हैं। ऐसे सम्मान कृषि क्षेत्र में नवाचार और बेहतर खेती की पद्धतियों को प्रोत्साहित करने में सहायक हो सकते हैं।

कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और किसान उपस्थित रहे।

किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि ऋण की सुविधा

समारोह में मुख्यमंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से किसानों को खेती के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने में मदद मिली है। पहले कई किसानों को कृषि संबंधी जरूरतों के लिए महंगे कर्ज पर निर्भर रहना पड़ता था।

उन्होंने कृषि ऋण पर ब्याज का बोझ कम करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी जिक्र किया। किसानों को ध्यान रखना चाहिए कि ऋण की ब्याज दर, पात्रता और शर्तें संबंधित योजना तथा बैंक के लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होती हैं।

किसानों को इन योजनाओं से क्या फायदा हो सकता है?

सरकार की घोषणाओं और प्रस्तावित कार्यों से किसानों को कई संभावित लाभ मिल सकते हैं:

  • फसल बेचने में सुविधा: नए केंद्रों से खरीदी तक पहुंच आसान हो सकती है।
  • समय की बचत: दूर स्थित केंद्रों तक जाने की जरूरत कम हो सकती है।
  • बेहतर सिंचाई: पुरानी परियोजनाओं के सुधार से खेतों तक पानी पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
  • कृषि विकास: नई तकनीक और आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाने के अवसर बढ़ सकते हैं।
  • वित्तीय सहायता: पात्र किसानों को कृषि ऋण की उपलब्ध सुविधाओं से लाभ मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी व्यवस्था के विस्तार, सिंचाई सुविधाओं में सुधार और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया है। 360 नए खरीदी केंद्रों की घोषणा के साथ नई और पुरानी सिंचाई परियोजनाओं पर किया जा रहा काम कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

छत्तीसगढ़ धान खरीदी 2026 के तहत 15 नवंबर से प्रस्तावित खरीदी किसानों के लिए अहम विषय है। नए केंद्रों की वास्तविक उपयोगिता और योजनाओं का लाभ उनके समय पर संचालन, स्थानीय व्यवस्था तथा पात्र किसानों तक सुविधाएं पहुंचने पर निर्भर करेगा।

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