हांगकांग के ताई पो स्थित वांग फुक कोर्ट में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को शोक और चिंता में डुबा दिया है। तलाशी अभियान के दौरान लगातार शव मिलने से मौत का आंकड़ा बढ़कर 128 हो गया, जबकि अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यह संख्या अभी और बढ़ सकती है।
बुधवार दोपहर लगी आग इतनी तेजी से फैली कि आठ में से सात इमारतें लपटों में घिर गईं। इमारतों में चारों ओर लगी बांस की मचान और निर्माण सामग्री ने आग को फैलाने और बचाव कार्य में बाधा पैदा करने में अहम भूमिका निभाई। इस वजह से कई निवासी अपने घरों में फंस गए।
इस विनाशकारी हादसे में
🔸 70 से अधिक लोग गंभीर और हल्के रूप से घायल
🔸 11 फायर ब्रिगेड कर्मचारी भी जख्मी
🔸 और लगभग 900 निवासी अस्थायी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
अग्निशमन विभाग के एक हजार से अधिक कर्मचारियों ने 24 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन हादसे के दूसरे दिन तक इमारतों से धुआं उठता रहा, जिससे आग की तीव्रता का अंदाज़ लगाया जा सकता है।
जिम्मेदारी और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए हांगकांग पुलिस ने
🔹 एक निर्माण कंपनी के निदेशकों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
माना जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सेफ्टी स्टैंडर्ड की भारी अनदेखी की गई, जिससे यह त्रासदी और भयावह रूप ले लिया।
सुरक्षा कड़े करने की तैयारी
इस दर्दनाक आपदा के बाद हांगकांग प्रशासन ने घोषणा की है कि
✔ सभी निर्माणाधीन एवं मरम्मत वाले हाउसिंग परिसरों का तत्काल निरीक्षण किया जाएगा,
✔ ताकि भविष्य में किसी भी तरह की सुरक्षा गड़बड़ी, मचान खामियों या मानक उल्लंघन को रोका जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना हांगकांग के इतिहास की सबसे घातक आग की घटनाओं में शामिल हो चुकी है, जिसने शहर के शहरी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
