संसद के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन विपक्ष और सरकार के बीच टकराव की भेंट चढ़ गया। SIR मुद्दे पर विपक्ष लगातार हमलावर रहा और नारेबाजी जारी रहने के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित करने पड़ी। इससे पहले पहले दिन की कार्यवाही भी इसी विवाद में बाधित हुई थी।
लोकसभा में सदन की कार्यवाही बाधित होते ही सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने विपक्ष के इस विरोध को “बिहार की हार का विलाप” बताया और कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जनसमर्थन खोते जा रहे हैं, इसलिए रचनात्मक चर्चा से भाग रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि विपक्ष बहस नहीं, सिर्फ़ नाटक करना चाहता है।
दूसरी ओर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के इस बयान पर — कि विपक्ष “सदन न चलने देने के बहाने ढूंढता है” — कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज उठाना विपक्ष का संवैधानिक दायित्व है और सरकार चर्चा से बच रही है।
बात यहीं नहीं रुकी। संचार साथी ऐप को लेकर भी विपक्ष का आक्रोश सामने आया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे “नागरिकों की निजता में दखल देने वाला ऐप” बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार देश को लोकतंत्र से तानाशाही की ओर धकेल रही है।
सत्र के दूसरे दिन विपक्षी दलों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई वरिष्ठ सांसद मौजूद रहे। विपक्ष का दावा है कि जब तक SIR पर विस्तृत चर्चा नहीं होगी, प्रदर्शन और विरोध जारी रहेगा।
संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह बढ़ती गर्माहट ने शीतकालीन सत्र को राजनीतिक रूप से और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।
