बंगलूरू जेल से रची गई थी आतंकी साजिश, रिश्वत, मोबाइल और हथियारों से बना खतरनाक नेटवर्क

परप्पना अग्रहारा जेल से आतंक का ताना-बाना, एनआईए चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासे

CG DARSHAN
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देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने वाली एक गंभीर आतंकी साजिश का खुलासा बंगलूरू की परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल से हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कैदियों ने जेल के भीतर रहते हुए बंगलूरू शहर को दहलाने की योजना तैयार की थी।

जांच के अनुसार, इस साजिश का मुख्य सूत्रधार कुख्यात आतंकी टी. नसीर था, जो कई आतंकी मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। योजना के तहत पहले जेल में बंद आतंकियों को छुड़ाने और फिर शहर में बड़े पैमाने पर आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी।

🔹 जेल सिस्टम में सेंध

एनआईए की पूरक चार्जशीट में खुलासा हुआ कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था को अंदर से कमजोर किया गया।
सिटी आर्म्ड रिजर्व–साउथ में तैनात सहायक उप-निरीक्षक चान पाशा ए ने कैदियों की सुरक्षा ड्यूटी के दौरान रिश्वत लेकर आतंकी नेटवर्क को गोपनीय जानकारियां उपलब्ध कराईं।

वहीं, जेल अस्पताल में तैनात मनोचिकित्सक डॉ. नागराज एस पर अवैध रूप से मोबाइल फोन जेल के भीतर पहुंचाने का आरोप है। इन्हीं में से एक मोबाइल टी. नसीर तक पहुंचा, जिसका उपयोग उसने अपने सहयोगियों से संपर्क और साजिश को आगे बढ़ाने के लिए किया।

🔹 हथियार, फंडिंग और फरारी

एनआईए ने अनीस फातिमा को भी आरोपी बनाया है, जो फरार आतंकी जुनैद अहमद की मां हैं। जांच में सामने आया कि उन्होंने टी. नसीर को धन और रसद सहायता उपलब्ध कराई। वह हथगोले, वॉकी-टॉकी संभालने और आरोपियों के बीच संचार स्थापित करने में भी शामिल थीं।

इसके अलावा, अनीस फातिमा ने मुख्य आरोपी सलमान खान को पनाह दी और उसके फर्जी यात्रा दस्तावेजों की व्यवस्था कर उसे दुबई फरार होने में मदद की। बाद में सलमान को रवांडा से भारत प्रत्यर्पित किया गया।

एनआईए का कहना है कि यह साजिश भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और सामाजिक शांति को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से रची गई थी। एजेंसी ने IPC, UAPA, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और कर्नाटक जेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं।

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