Supreme Court of the United States ने पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा आपात आर्थिक शक्तियों के अंतर्गत अधिरोपित आयात शुल्कों को असंवैधानिक घोषित किया है। न्यायालय ने कहा कि इस प्रकार के कराधान संबंधी अधिकार अमेरिकी कांग्रेस के अधीन आते हैं।
निर्णय के उपरांत प्रशासन ने व्यापार कानून की धारा 122 के तहत 10 प्रतिशत का अस्थायी वैश्विक आयात शुल्क अधिसूचित किया है। यह प्रावधान सीमित अवधि के लिए प्रभावी रहेगा।
फैसले के परिणामस्वरूप आयातकों द्वारा पूर्व में अदा किए गए अतिरिक्त शुल्क की वापसी हेतु कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ होने की संभावना है। प्रकरण को संबंधित व्यापार न्यायालय को प्रेषित किया गया है।
भारत के संदर्भ में, पूर्व प्रस्तावित 18 प्रतिशत शुल्क के स्थान पर अब 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू होगा, जो मौजूदा एमएफएन दरों के अतिरिक्त है। औद्योगिक धातुओं एवं कुछ विनिर्माण क्षेत्रों पर पूर्व उच्च शुल्क प्रभावी बने हुए हैं।
भारत और अमेरिका के मध्य प्रस्तावित व्यापार समझौता अभी अनुमोदन की प्रक्रिया में है। वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal द्वारा संकेतित वार्ताएं जारी हैं। भविष्य की टैरिफ संरचना अमेरिकी प्रशासन के आगामी विधिक उपायों पर निर्भर करेगी।

