एम्स रायपुर में रेस्पिरेटरी ICU का लोकार्पण: राज्यपाल ने अत्याधुनिक कार्डियक सेंटर की रखी जरूरत

CG DARSHAN
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छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देते हुए Ramen Deka ने All India Institute of Medical Sciences Raipur में रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट (RICU) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एम्स देश में उन्नत और विश्वसनीय चिकित्सा सेवाओं का प्रतीक है तथा सुपर स्पेशलिटी संस्थानों में इसकी विशिष्ट पहचान है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में उल्लेख किया कि भारत के विभिन्न राज्यों में एम्स की स्थापना से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक पहुंची हैं। एम्स रायपुर में मरीजों की निरंतर बढ़ती संख्या इस संस्थान के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नवा रायपुर में संस्थान के विस्तार के लिए भूमि आवंटन पर विचार करने की सलाह दी, ताकि अधिक संख्या में मरीजों को लाभ मिल सके।

हृदय रोग उपचार में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

राज्यपाल डेका ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी स्थापित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि हृदय संबंधी जटिल बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को प्रदेश से बाहर जाना पड़ता है, जिससे उपचार में विलंब और अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। यदि राज्य में ही अत्याधुनिक कार्डियक सेंटर विकसित किया जाए, तो मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेजों या एम्स में इस प्रकार की उन्नत सुविधा विकसित कर प्रदेश को हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में सशक्त बनाया जा सकता है।

भारतीय डॉक्टरों की वैश्विक प्रतिष्ठा

राज्यपाल ने कहा कि सेवा और समर्पण की भावना भारतीय डॉक्टरों की सबसे बड़ी पहचान है। यही कारण है कि उन्हें देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। चिकित्सा क्षेत्र को उन्होंने एक ‘नोबल प्रोफेशन’ बताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर मानव जीवन की रक्षा और समाज की भलाई से जुड़ा है।

उन्होंने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उनकी माता अस्वस्थ रहती थीं, तो डॉक्टरों की उपस्थिति मात्र से उनकी चिंता काफी हद तक कम हो जाती थी। यह उदाहरण समाज में चिकित्सकों के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में स्वास्थ्य की भूमिका

राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के कारण प्रदेश में मृत्यु दर में कमी आई है, जो सकारात्मक संकेत है। हालांकि, वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र सहित सभी क्षेत्रों में निरंतर उत्कृष्टता आवश्यक है।

उन्होंने एम्स रायपुर को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्थान भविष्य में भी चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करता रहेगा और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में एम्स के चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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