छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विष्णुदेव साय 25 मार्च को बलौदाबाजार से भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए बड़ी आर्थिक सहायता का वितरण करेंगे, जिससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के तहत इस वर्ष करीब 4.95 लाख हितग्राहियों को ₹10,000 की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने लगभग ₹495 करोड़ से अधिक का बजट तय किया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा।
अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य
इस योजना का उद्देश्य समाज के उन वर्गों को आर्थिक सुरक्षा देना है, जो अब तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहे हैं। सरकार ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत पर काम करते हुए अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े परिवारों को भी लाभ
इस पहल में 22,000 से अधिक बैगा और गुनिया परिवारों को शामिल किया गया है। ये समुदाय पारंपरिक ज्ञान और औषधीय परंपराओं के संरक्षक हैं, जिन्हें इस योजना के माध्यम से आर्थिक सहारा मिलेगा।
बढ़ी हुई राशि से बढ़ेगी राहत
पहले जहां इस योजना के तहत ₹7,000 दिए जाते थे, वहीं अब इसे बढ़ाकर ₹10,000 प्रति वर्ष कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर लाभार्थियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
पिछले वर्ष इस योजना के जरिए लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली थी, और इस बार भी उम्मीद है कि यह पहल गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाएगी।

