हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित मुकाबले पर अब सस्पेंस गहराता जा रहा है। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के फैसले को अपनी सरकार पर छोड़ दिया है, जिससे खेल में राजनीति की दखल को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) के ड्रॉ के अनुसार, भारत और पाकिस्तान को ‘पूल डी’ में एक साथ रखा गया है और दोनों के बीच 19 अगस्त को मैच खेला जाना प्रस्तावित है। हालांकि, PHF के इस रुख के बाद यह मुकाबला होगा या नहीं, इस पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन के अधिकारियों का कहना है कि वे सरकार के निर्देशों के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे। इस मुद्दे पर 27 मार्च को होने वाली PHF की बैठक में भी चर्चा की जाएगी, जहां अंतिम रुख तय हो सकता है।
यह टूर्नामेंट 15 से 30 अगस्त के बीच बेल्जियम और नीदरलैंड्स में आयोजित होगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान 2018 के बाद पहली बार हॉकी वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहा है, जबकि इससे पहले वह दो संस्करणों के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया था।
भारत-पाकिस्तान के खेल संबंध पहले से ही राजनीतिक तनाव के कारण प्रभावित रहे हैं। 2008 के बाद से द्विपक्षीय मुकाबले बंद हैं, लेकिन दोनों टीमें अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में आमने-सामने आती रही हैं। इसके बावजूद, पाकिस्तान कई बार टूर्नामेंट्स के बहिष्कार या मैच से पीछे हटने की चेतावनी देता रहा है।
मैदान पर प्रदर्शन की बात करें तो भारतीय टीम का दबदबा साफ नजर आता है। हाल के वर्षों में भारत ने पाकिस्तान को लगातार पांच मुकाबलों में हराया है, जिसमें 2022 एशियन गेम्स की 10-2 की बड़ी जीत भी शामिल है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान हॉकी टीम इस समय खराब फॉर्म और आंतरिक विवादों से जूझ रही है। हालिया दौरों में टीम के प्रदर्शन और व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठे हैं, जिससे टीम का मनोबल प्रभावित हुआ है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पाकिस्तान इस बार भी अपने फैसले से पीछे हटेगा या खेल भावना को प्राथमिकता देते हुए मैदान में उतरेगा। फिलहाल, इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर सभी की नजरें पाकिस्तान सरकार और PHF के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।

