IOC Eligibility Rule 2028: महिलाओं के ओलंपिक इवेंट्स में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की एंट्री बंद

CG DARSHAN
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International Olympic Committee (IOC) ने 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों से पहले एक महत्वपूर्ण नीति बदलाव करते हुए महिलाओं की स्पर्धाओं के लिए नई पात्रता शर्तें तय कर दी हैं। इस फैसले के तहत अब केवल बायोलॉजिकल महिलाएं ही महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी, जबकि ट्रांसजेंडर एथलीट्स को इस श्रेणी से बाहर रखा गया है।

यह निर्णय IOC की कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया, जिसका उद्देश्य खेलों में संतुलन, निष्पक्षता और एथलेटिक प्रतिस्पर्धा की पारदर्शिता को बनाए रखना बताया गया है।

महिला वर्ग के लिए सख्त मानदंड

नई नीति के अनुसार, यह नियम सभी प्रकार की प्रतियोगिताओं—चाहे वे व्यक्तिगत हों या टीम आधारित—पर समान रूप से लागू होगा। IOC ने स्पष्ट किया है कि महिला वर्ग में भागीदारी अब केवल जैविक मानकों के आधार पर तय की जाएगी।

लॉस एंजिलिस ओलंपिक से होगा लागू

यह नई पात्रता नीति 2028 Summer Olympics से प्रभावी होगी। इसके लिए IOC ने एक विस्तृत दस्तावेज जारी किया है, जिसमें नियमों की रूपरेखा, उद्देश्य और लागू करने की प्रक्रिया का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

स्थानीय खेलों पर नहीं पड़ेगा असर

IOC ने यह भी साफ किया है कि यह नियम केवल अंतरराष्ट्रीय और पेशेवर प्रतियोगिताओं तक सीमित रहेगा। जमीनी स्तर या मनोरंजक खेल गतिविधियों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

किन खिलाड़ियों पर पड़ेगा असर?

इस फैसले के बाद कई एथलीट्स की पात्रता प्रभावित हो सकती है। विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका की दिग्गज धाविका Caster Semenya का नाम चर्चा में है, जो पहले भी नियमों को लेकर विवादों में रही हैं।

वैश्विक स्तर पर बढ़ेगी बहस

IOC का यह कदम जहां खेलों में समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, वहीं इसे लेकर समावेशिता और अधिकारों से जुड़ी बहस भी तेज हो सकती है। आने वाले समय में इस फैसले पर खेल जगत और समाज के विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलेंगी।

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