Gurjant Singh Hockey Career: Gurjant Singh ने लिया संन्यास, ओलंपिक मेडल जीतकर रचा भारतीय हॉकी का सुनहरा अध्याय

CG DARSHAN
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भारतीय हॉकी के तेज और भरोसेमंद फॉरवर्ड Gurjant Singh ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने करियर को अलविदा कह दिया है। उन्होंने यह घोषणा नई दिल्ली में आयोजित Hockey India Awards के मंच से की, जहां उन्हें सम्मानजनक विदाई दी गई।

करीब एक दशक तक भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे Gurjant Singh ने 130 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 33 गोल दागे। उनकी पहचान ऐसे खिलाड़ी के रूप में रही, जो दबाव के क्षणों में टीम के लिए मैच बदलने की क्षमता रखते थे।

पंजाब के अमृतसर में जन्मे गुरजंत ने बचपन से ही हॉकी के प्रति गहरा लगाव दिखाया। उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें 2016 जूनियर विश्व कप में भारत की जीत का हीरो बना दिया, जहां उन्होंने फाइनल में गोल कर टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

2017 में सीनियर टीम में कदम रखने के बाद Gurjant Singh ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया और टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में अपनी जगह पक्की की।

ओलंपिक मंच पर उनका योगदान बेहद खास रहा। वे Tokyo Olympics 2020 और Paris Olympics 2024 में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाली टीम के सदस्य रहे। इसके अलावा Asian Games 2022 और Asia Cup 2017 में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने देश का नाम रोशन किया।

उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें Arjuna Award से सम्मानित किया गया, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व का क्षण होता है।

संन्यास के दौरान Gurjant Singh ने कहा कि टीम के साथ बिताए गए पल उनके लिए किसी खजाने से कम नहीं हैं। उन्होंने अपने साथियों को परिवार बताया और देश के लिए खेलने को जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि कहा।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष Dilip Tirkey ने भी गुरजंत की जमकर तारीफ की और कहा कि उनका योगदान भारतीय हॉकी के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

Gurjant Singh का यह फैसला भारतीय हॉकी के एक शानदार अध्याय का अंत जरूर है, लेकिन उनकी उपलब्धियां आने वाले खिलाड़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।

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