नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ के साथ विद्यालयी शिक्षा में पुस्तक मूल्य निर्धारण का मुद्दा पुनः प्रमुखता से सामने आया है। Central Board of Secondary Education से संबद्ध निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित पुस्तक सूची के आधार पर अभिभावकों को अध्ययन सामग्री क्रय करनी पड़ रही है।
प्राप्त सूचनाओं के अनुसार निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की कीमतें एनसीईआरटी पुस्तकों की तुलना में अधिक हैं। विभिन्न कक्षाओं में यह अंतर कई गुना तक देखा गया है।
वितरण व्यवस्था के तहत कुछ विद्यालयों द्वारा विशिष्ट विक्रेताओं के माध्यम से पुस्तक उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था अपनाई गई है, जिससे अभिभावकों के विकल्प सीमित हो जाते हैं।
प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है कि अभिभावकों को किसी विशेष विक्रेता से खरीदारी के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इस संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
वर्तमान स्थिति शिक्षा क्षेत्र में लागत नियंत्रण, पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को रेखांकित करती है।
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