छत्तीसगढ़ में आर्थिक अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए Enforcement Directorate (ED) ने दुर्ग और बिलासपुर जिलों में एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई से प्रदेश के कारोबारी और रियल एस्टेट क्षेत्र में हलचल मच गई है।
दुर्ग में राठी के ठिकानों पर जांच
दुर्ग में ईडी की टीम ने अमर इंफ्रा से जुड़े डायरेक्टर और बीजेपी नेता चतुर्भुज राठी के महेश कॉलोनी स्थित घर और कार्यालय पर दबिश दी। यहां कंपनी से जुड़े दस्तावेज, निवेश और लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।
इसके अलावा भिलाई-3 क्षेत्र में गोविंद मंडल के घर और फैक्ट्री में भी टीम ने छापा मारकर कई अहम कागजातों की पड़ताल शुरू की है।
बिलासपुर में ज्वेलर्स पर भी शिकंजा
बिलासपुर में सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के निवास और उनकी दुकान ‘श्रीराम ज्वेलर्स’ पर भी ईडी की टीम पहुंची। यहां सुबह से दस्तावेजों की छानबीन जारी है और कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
फरार आरोपी से जुड़े नेटवर्क पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई कथित शराब घोटाले के फरार आरोपी विकास अग्रवाल से जुड़े नेटवर्क की जांच के तहत की जा रही है। एजेंसियां उसके संपर्क में रहे लोगों और संभावित आर्थिक लेन-देन के लिंक तलाश रही हैं।
2000 करोड़ घोटाले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश
बताया जा रहा है कि करीब 2000 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं और फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।
अन्य परियोजनाओं से कनेक्शन की जांच
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि मामले के तार अन्य बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से भी जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ईडी हर एंगल से जांच कर रही है।
आगे और खुलासों की संभावना
ईडी की इस कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ के कारोबारी जगत में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

