तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों ने राज्य की पारंपरिक राजनीति को एक बड़े मोड़ पर ला खड़ा किया है। अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी TVK अप्रत्याशित रूप से सबसे आगे चल रही है, जिससे दशकों से सत्ता पर काबिज द्रविड़ दल—DMK और AIADMK—की पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार TVK 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो राज्य में बदलाव की मजबूत लहर का संकेत है।
मुख्यमंत्री M. K. Stalin के नेतृत्व वाली DMK को इस बार सत्ता विरोधी माहौल का सामना करना पड़ रहा है। वहीं AIADMK भी अपेक्षित प्रदर्शन करती नहीं दिख रही, जिससे मुकाबला पूरी तरह त्रिकोणीय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं और महिला मतदाताओं ने इस बार निर्णायक भूमिका निभाई है, जो पारंपरिक राजनीति से हटकर नए विकल्प की ओर झुके हैं।
हालांकि, सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों का आंकड़ा अभी भी TVK के लिए चुनौती बना हुआ है। अगर पार्टी इस जादुई संख्या तक नहीं पहुंचती है, तो गठबंधन की राजनीति अहम हो जाएगी। ऐसे में AIADMK के साथ संभावित गठजोड़ की चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान विजय का रुख AIADMK के प्रति अपेक्षाकृत नरम रहा है।
इस चुनाव में वोट शेयर का बिखराव भी महत्वपूर्ण कारक बनकर उभरा है। बहुकोणीय मुकाबले के चलते 30-35 प्रतिशत वोट हासिल कर भी सीटें जीतना संभव हो रहा है। वहीं, M. K. Stalin सरकार के खिलाफ बनी एंटी-इंकम्बेंसी लहर का सबसे ज्यादा फायदा TVK को मिलता दिख रहा है।
कुल मिलाकर, तमिलनाडु की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश करती नजर आ रही है, जहां पारंपरिक द्रविड़ राजनीति को कड़ी चुनौती मिल रही है और नई राजनीतिक ताकतें तेजी से उभर रही हैं। आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि यह बदलाव स्थायी होगा या अस्थायी।

