बीजापुर जिले के ईटपाल स्थित गोदाम में हुए ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड ने वन विभाग और वनोपज प्रबंधन व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 25 मई 2026 को लगी आग में करीब 6.77 करोड़ रुपये मूल्य का तेंदूपत्ता जलकर नष्ट हो गया। यह नुकसान जिले की सबसे बड़ी वनोपज दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
शुरुआती कार्रवाई में दो कर्मचारियों पर गिरी गाज
घटना के बाद वन विभाग ने ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड को गंभीरता से लेते हुए गोदाम सहायक सुनील बुरका को निलंबित कर दिया। वहीं वनरक्षक कामेश्वर एनका के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर विभाग अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। वे वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग कर रहे हैं।
तेंदूपत्ता लॉट आग की चपेट में आए
जानकारी के अनुसार, जिला यूनियन बीजापुर की आठ प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 13 तेंदूपत्ता लॉट गोदाम में संग्रहित थे। ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड के दौरान ये सभी लॉट प्रभावित हुए और भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
वन विभाग ने नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कंपनी के समक्ष दावा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे के निर्णय लिए जाएंगे।
संग्राहकों के हित सुरक्षित रखने का दावा
ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड के बाद सबसे बड़ी चिंता तेंदूपत्ता संग्राहकों के भुगतान को लेकर थी। जिला यूनियन ने स्पष्ट किया है कि आगजनी की घटना का उनके पारिश्रमिक पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
संग्राहकों को वर्ष 2026 के लिए 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जाएगा। विभाग संग्रहण संबंधी आंकड़ों को ऑनलाइन दर्ज कर रहा है, जिसके बाद राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी।
बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज
घटना के कई दिन बाद भी वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड को लेकर स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
लोगों का यह भी आरोप है कि जांच प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही है, जिससे मामले को लेकर संदेह पैदा हो रहा है।
जांच रिपोर्ट से खुल सकते हैं कई राज
वन विभाग का दावा है कि ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।

