CM साय ने पूर्व नक्सली दंपत्ति की कहानी को बताया नए बस्तर की पहचान

CG DARSHAN
CG DARSHAN 4 Min Read
4 Min Read
Advertisement Carousel

सुशासन तिहार के तहत बीजापुर जिले के कोण्डापल्ली गांव पहुंचे CM साय का दौरा उस समय खास बन गया, जब उन्होंने रास्ते में एक छोटी किराना दुकान पर रुकने का फैसला किया। यह दुकान पूर्व नक्सली दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी, जिन्होंने संघर्ष और हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मनिर्भरता को अपनाया है।

मुख्यमंत्री का यह कदम स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया और पुनर्वास की सफलता की कहानी को नई पहचान मिली।

CM साय ने खरीदी पानी की बोतल, बढ़ाया आत्मविश्वास

दुकान के भीतर पहुंचकर CM साय ने दंपत्ति से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलावों को जाना। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और उनके प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनत से कमाई गई आजीविका व्यक्ति को सम्मान देती है और यही नए छत्तीसगढ़ की असली तस्वीर है।

मासा तामो और जयमोती ने बदली जीवन की दिशा

मासा तामो और जयमोती दोनों का बचपन कठिन परिस्थितियों में गुजरा। पारिवारिक और आर्थिक चुनौतियों के कारण वे नक्सली संगठन से जुड़ गए थे। संगठन में ही उनकी मुलाकात हुई और बाद में दोनों ने विवाह कर लिया।

लेकिन समय के साथ उन्होंने महसूस किया कि विकास और शांति का रास्ता ही बेहतर भविष्य की नींव रख सकता है। अक्टूबर 2025 में दोनों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

सरकारी योजनाओं से मिली नई पहचान

आत्मसमर्पण के बाद दंपत्ति को पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण दिया गया और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाता और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार कराए गए।

महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत मिले एक लाख रुपये के ऋण से उन्होंने किराना दुकान शुरू की। CM साय ने इस उपलब्धि को शासन की जनकल्याणकारी नीतियों का सकारात्मक परिणाम बताया।

आज सम्मान और आत्मनिर्भरता से जी रहा है परिवार

मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान दंपत्ति ने बताया कि दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं। अब उनके जीवन में स्थिरता और भविष्य को लेकर भरोसा पैदा हुआ है।

उनका कहना है कि सरकारी सहयोग और समाज के समर्थन ने उन्हें नई शुरुआत का अवसर दिया। CM साय ने उनकी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण अन्य लोगों को भी प्रेरित करेंगे।

CM साय बोले- यही है बदलते बस्तर की असली तस्वीर

दौरे के दौरान CM साय ने कहा कि मासा तामो और जयमोती की कहानी केवल व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि जब लोगों को अवसर, शिक्षा और रोजगार मिलता है, तो वे समाज की मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं। CM साय ने इसे नए बीजापुर और विकसित बस्तर की जीवंत तस्वीर बताया।

बीजापुर के कोण्डापल्ली गांव में CM साय का यह दौरा पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक कहानी को सामने लेकर आया। पूर्व नक्सली दंपत्ति मासा तामो और जयमोती का संघर्ष से सफलता तक का सफर यह दर्शाता है कि सही अवसर और सहयोग मिलने पर जीवन को नई दिशा दी जा सकती है। यह कहानी आज बदलते बस्तर की नई पहचान बन चुकी है।

Share This Article
Leave a comment