बीजापुर बेली ब्रिज बना विकास की नई पहचान, CM साय ने बताया बदलाव का प्रतीक

CG DARSHAN
CG DARSHAN 4 Min Read
4 Min Read
Advertisement Carousel

सुशासन तिहार के दौरान बीजापुर जिले के कोण्डापल्ली गांव पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से पुल की उपयोगिता, निर्माण तकनीक और स्थानीय लोगों को मिलने वाले लाभों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधोसंरचना परियोजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव की आधारशिला होती हैं।

दूरस्थ गांवों को मुख्यधारा से जोड़ रहा बीजापुर बेली ब्रिज

कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बीजापुर के कई गांव विकास की मुख्यधारा से कटे हुए थे। लेकिन बीजापुर बेली ब्रिज के निर्माण के बाद स्थिति तेजी से बदल रही है। अब ग्रामीणों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुंचने में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिल रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल बनने से यात्रा का समय कम हुआ है और आपातकालीन परिस्थितियों में भी आवाजाही आसान हो गई है।

कम लागत में तैयार होने वाली आधुनिक तकनीक

भारतीय सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित बीजापुर बेली ब्रिज आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के पुल पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक मजबूत, किफायती और जल्दी तैयार किए जा सकते हैं।

महज एक महीने के भीतर तैयार होने वाली यह तकनीक विशेष रूप से संवेदनशील और वन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रभावी मानी जाती है।

21 बेली ब्रिजों ने बढ़ाई विकास की रफ्तार

बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिज बनाए जा चुके हैं, जिनमें बीजापुर बेली ब्रिज एक महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में उभरा है। इन पुलों ने ग्रामीण इलाकों में विकास योजनाओं की पहुंच बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

सड़क और पुलों की बेहतर व्यवस्था से सरकारी सेवाओं का विस्तार तेज हुआ है, जिससे हजारों लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।

श्रमिकों की मेहनत को मिला मुख्यमंत्री का सम्मान

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पुल निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों और इंजीनियरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के श्रमिक और युवा ही विकास कार्यों के वास्तविक नायक हैं।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से बातचीत कर उनके अनुभव सुने और उनके समर्पण की प्रशंसा की।

बीजापुर बेली ब्रिज बना बदलते बस्तर का प्रतीक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बीजापुर बेली ब्रिज केवल एक पुल नहीं है, बल्कि यह विकास, विश्वास और सुशासन का प्रतीक है। यह परियोजना दर्शाती है कि सरकार दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक भी आधुनिक सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आज बीजापुर बेली ब्रिज उस नए बस्तर की पहचान बन चुका है, जहां विकास गांव-गांव तक पहुंच रहा है और लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।

बीजापुर बेली ब्रिज ने क्षेत्र में कनेक्टिविटी, विकास और जनसेवाओं के विस्तार को नई दिशा दी है। यह परियोजना न केवल अधोसंरचना विकास का उदाहरण है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों को अवसरों से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल भी है। आने वाले समय में ऐसे निर्माण कार्य बस्तर के समग्र विकास को और गति देंगे।

Share This Article
Leave a comment