बस्तर में जारी विकास परियोजनाओं की स्थिति जानने और उनकी प्रगति को गति देने के उद्देश्य से अरुण साव बस्तर प्रवास के दूसरे दिन कोंडागांव में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से बरसात के मौसम में आम लोगों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
पेयजल योजना से बदल सकती है कोंडागांव की तस्वीर
मिशन अमृत 2.0 के तहत 104 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही जल प्रदाय योजना कोंडागांव के लिए एक बड़ी परियोजना है। अरुण साव बस्तर प्रवास के दौरान इस योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। 9 एमएलडी क्षमता वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से हजारों परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
निर्माणाधीन सड़कों पर बरसात का असर न पड़े
उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कहा कि निर्माण कार्यों के कारण आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से बरसात के दौरान यातायात सुचारू रखने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के निर्देश दिए। अरुण साव बस्तर प्रवास के दौरान यह मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आया।
तालाब और बस स्टैंड विकास कार्यों पर भी ध्यान
कोपाबेड़ा में तालाब सौंदर्यीकरण परियोजना और चिखलपुट्टी बस स्टैंड का निरीक्षण करते हुए उप मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
अधिकारियों को गुणवत्ता से समझौता न करने की हिदायत
उप मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि कार्यों की गुणवत्ता सर्वोच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने समय-सीमा और गुणवत्ता दोनों को समान रूप से महत्वपूर्ण बताया। अरुण साव बस्तर प्रवास के दूसरे दिन विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा हुई। पेयजल, सड़क, राजमार्ग, तालाब और बस स्टैंड जैसी परियोजनाओं के निरीक्षण से यह संकेत मिला कि सरकार क्षेत्रीय विकास को लेकर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।

