विश्व पर्यावरण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन वन विभाग ने किया। वहीं तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने विचार रखे। इसके अलावा विभिन्न संरक्षण पहलें प्रस्तुत हुईं। साथ ही सर्प संरक्षण विषय को प्रमुख स्थान मिला।
नागलोक क्षेत्र के अनुभव किए गए साझा
आयुष्मान शर्मा ने विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने सर्प ज्ञान केंद्र की कार्यप्रणाली बताई। इसके अलावा क्षेत्रीय सहभागिता का उल्लेख किया। वहीं समुदाय आधारित प्रयासों की जानकारी दी गई। इसलिए यह मॉडल चर्चा का विषय बना।
मानव और सर्प संरक्षण पर केंद्रित पहल
अभियान का उद्देश्य दोहरा बताया गया। इसमें लोगों की सुरक्षा शामिल है। साथ ही सर्पों का संरक्षण भी प्राथमिकता है। दरअसल जागरूकता से दुर्घटनाएं कम हो सकती हैं। नतीजतन पर्यावरणीय संतुलन को भी लाभ मिलता है।
मुख्यमंत्री की घोषणा से मिली गति
आयुष्मान शर्मा ने अभियान की प्रगति बताई। उन्होंने कहा कि सर्प ज्ञान केंद्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बढ़ी है। वहीं दूसरी ओर संस्थागत सहयोग भी प्राप्त हुआ है। इसलिए परियोजना को नई गति मिली है।
वन विभाग ने सराहा दीर्घकालिक योगदान
वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय ने विचार रखे। उन्होंने डॉ. अजय शर्मा के चार दशक लंबे कार्यों की सराहना की। साथ ही जागरूकता अभियानों का उल्लेख किया। इसके बाद अभियान को शीघ्र पूर्ण करने की आवश्यकता बताई। कुल मिलाकर पहल को सकारात्मक समर्थन मिला।

