रायपुर में आयोजित ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। फिल्म 26/11 मुंबई हमले के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा निभाई गई जिम्मेदारियों और साहसिक कार्यों पर आधारित है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कंगना रनौत भारत भाग्य विधाता जैसी फिल्में समाज को उन लोगों के योगदान से परिचित कराती हैं, जिन्हें अक्सर इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिल पाता।
मुख्यमंत्री ने किया कलाकारों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने आयोजन में उपस्थित कलाकारों और फिल्म की पूरी टीम का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि कंगना रनौत भारत भाग्य विधाता केवल एक फिल्म नहीं बल्कि सेवा और मानवता का संदेश है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए फिल्म के शीर्षक ने इसे और अधिक विशेष बना दिया है।
छत्तीसगढ़ के बेटे ने रची प्रेरक कहानी
फिल्म निर्देशक मनोज तापड़िया के छत्तीसगढ़ से जुड़े होने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धियां पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। कंगना रनौत भारत भाग्य विधाता की कहानी यह दर्शाती है कि समर्पित प्रयासों से स्थानीय प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
स्वास्थ्यकर्मियों के संघर्ष को मिली आवाज
कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म उन लोगों को समर्पित है जिन्होंने संकट की घड़ी में दूसरों के लिए अपने जीवन की परवाह नहीं की। कंगना रनौत भारत भाग्य विधाता में स्वास्थ्यकर्मियों के साहस, धैर्य और सेवा को प्रमुखता से दिखाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फिल्म दर्शकों को प्रेरित करेगी।
वॉरियर्स सम्मान बना कार्यक्रम का आकर्षण
कार्यक्रम में विभिन्न स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन क्षेत्रों से जुड़े कर्मियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के वास्तविक नायक वही लोग हैं जो कठिन परिस्थितियों में दूसरों की मदद के लिए आगे आते हैं। कंगना रनौत भारत भाग्य विधाता का मूल संदेश भी यही है कि सेवा और समर्पण ही किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।

