बस्तर जिले में निर्माणाधीन केशलूर ओवरब्रिज परियोजना पर अब विभाग की निगरानी और सख्त हो गई है। परियोजना की प्रगति अपेक्षा से धीमी पाए जाने पर निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है। यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर यातायात को सुगम बनाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है और इसके पूरा होने से क्षेत्रीय आवागमन को बड़ा लाभ मिलेगा।
निरीक्षण के बाद लिया गया निर्णय
उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा किए गए निरीक्षण में केशलूर ओवरब्रिज निर्माण कार्य की गति संतोषजनक नहीं पाई गई थी। इसके बाद विभागीय अधिकारियों को स्थिति की समीक्षा करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में कई तकनीकी और प्रबंधन संबंधी कमियां भी सामने आईं।
संसाधनों की कमी बनी देरी का कारण
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार केशलूर ओवरब्रिज परियोजना में पर्याप्त मशीनरी, श्रमिक और निर्माण सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे परियोजना के कई चरण निर्धारित समय पर पूरे नहीं हो सके। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी को तुरंत संसाधन बढ़ाने और निर्माण कार्यक्रम के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
तय लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर
नोटिस में कहा गया है कि केशलूर ओवरब्रिज परियोजना के लिए निर्धारित माइलस्टोन लगातार प्रभावित हो रहे हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि कार्य की गति बढ़ाकर लंबित लक्ष्यों को शीघ्र पूरा किया जाए। परियोजना की नियमित समीक्षा भी जारी रहेगी।
जनता को समय पर मिले सुविधाओं का लाभ
सरकार का उद्देश्य केशलूर ओवरब्रिज को समय पर पूरा कर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि निर्माण एजेंसी ने स्थिति में सुधार नहीं किया तो कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। परियोजना की प्रगति अब सीधे उच्च स्तर पर मॉनिटर की जाएगी।

