छत्तीसगढ़ सरकार ने शहरी विकास योजना के तहत पांच बड़े रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला लिया है। इन योजनाओं के माध्यम से रायपुर, महासमुंद, राजनांदगांव, कोरबा और जगदलपुर में आधुनिक शहरी ढांचा विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इससे नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा और सार्वजनिक संपत्तियों का अधिक प्रभावी उपयोग संभव हो सकेगा।
250 करोड़ रुपये की परियोजनाएं
प्रस्तावित शहरी विकास योजना लगभग 19.14 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। वर्ष 2025-26 की गाइडलाइन दरों के अनुसार इन परियोजनाओं का अनुमानित मूल्य 250.30 करोड़ रुपये है। सरकार ने सभी परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है और अब टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
सार्वजनिक-निजी सहभागिता पर जोर
इस शहरी विकास योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल है। निजी डेवलपर्स को प्रमुख स्थानों पर विकास कार्यों का अवसर मिलेगा, जबकि सरकार नीति और निगरानी की जिम्मेदारी निभाएगी। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
नागरिक सुविधाओं में होगा विस्तार
सरकार की शहरी विकास योजना का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं बल्कि शहरों का समग्र विकास है। आधुनिक सड़कें, बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं, व्यवस्थित शहरी ढांचा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले संसाधन विकसित किए जाएंगे। इससे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और शहरों की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
भविष्य में और परियोजनाएं होंगी शुरू
गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने संकेत दिए हैं कि शहरी विकास योजना के तहत आगे भी कई नई परियोजनाएं लाई जाएंगी। आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने आठ नई रिडेवलपमेंट परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इससे स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर परिवर्तन देखने को मिलेगा।

