धमतरी जिले में ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को लेकर शिक्षकों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। तकनीकी खामियों के कारण बायोमेट्रिक व्यवस्था को बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्तमान डिजिटल प्रणाली में कई व्यावहारिक समस्याएं हैं, जिनका समाधान तत्काल किया जाना आवश्यक है।
ऑनलाइन हाजिरी में आ रही बाधाएं
शिक्षकों के अनुसार मौजूदा व्यवस्था में लोकेशन त्रुटि, लॉगिन फेल, सर्वर डाउन और रिकॉर्ड मिसमैच जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू होने से उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया अधिक सरल और विश्वसनीय हो सकती है। इससे तकनीकी त्रुटियों की संभावना भी काफी कम होगी।
फेडरेशन ने सरकार से की मांग
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक एवं समग्र शिक्षक फेडरेशन ने कहा है कि बायोमेट्रिक व्यवस्था उपलब्ध होने तक मैनुअल उपस्थिति को भी मान्यता दी जानी चाहिए। संगठन का मानना है कि तकनीकी विफलताओं के लिए शिक्षकों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
वेतन कटौती नहीं करने की मांग
फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती तो बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू होने तक किसी भी शिक्षक के वेतन या सेवा रिकॉर्ड पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। इससे शिक्षकों का मनोबल बनाए रखने में मदद मिलेगी।
शिक्षा पर ध्यान देना चाहते हैं शिक्षक
शिक्षक संगठनों का कहना है कि बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू होने से उन्हें तकनीकी समस्याओं से राहत मिलेगी और वे अपना पूरा ध्यान विद्यार्थियों की पढ़ाई पर केंद्रित कर सकेंगे। उनका मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए और उपस्थिति प्रणाली उसी के अनुरूप सरल बनाई जानी चाहिए।

