जिले में बीजापुर अवैध रेत खनन को लेकर एक बड़ा खुलासा उस समय हुआ जब विधायक विक्रम मंडावी देर रात मिंगाचल नदी पहुंचे। यहां कथित रूप से रेत उत्खनन का कार्य जारी था। विधायक के पहुंचते ही मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई वाहन जांच के दायरे में आ गए।
जेसीबी, पोकलैंड और टिप्पर मौके पर मिले
छापेमारी के दौरान जेसीबी, पोकलैंड मशीन, टिप्पर और ट्रैक्टर जैसी कई मशीनें नदी क्षेत्र में मौजूद मिलीं। विधायक ने तुरंत पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारियों को बुलाकर कार्रवाई शुरू करवाई। इस घटना के बाद बीजापुर अवैध रेत खनन का मुद्दा फिर से सुर्खियों में आ गया है।
रात के अंधेरे में चल रहा था कारोबार
स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से रात के समय नदी से रेत निकासी और परिवहन का कार्य जारी था। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बड़ी मात्रा में रेत का परिवहन किया जाता रहा है, जिससे प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
कार्रवाई के बाद कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने खनिज विभाग की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते निगरानी की जाती, तो बीजापुर अवैध रेत खनन इतना व्यापक रूप नहीं लेता। हालांकि विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पर्यावरण और राजस्व दोनों को नुकसान
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध रेत उत्खनन से न केवल पर्यावरण प्रभावित होता है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचता है। नदियों की प्राकृतिक संरचना में बदलाव, जलस्तर में गिरावट और जैव विविधता पर असर इसके प्रमुख दुष्प्रभाव माने जाते हैं।
संसाधनों की सुरक्षा बनी चुनौती
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए लगातार निगरानी और कठोर कार्रवाई आवश्यक मानी जा रही है। प्रशासन के सामने अब ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की चुनौती है।
विधायक की पहल को मिल रहा समर्थन
क्षेत्र में कई लोगों ने विधायक विक्रम मंडावी की सक्रियता की सराहना की है। उनका मानना है कि जनप्रतिनिधियों की ऐसी पहल से बीजापुर अवैध रेत खनन जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने में मदद मिल सकती है। इससे प्रशासनिक जवाबदेही भी बढ़ती है।
आगे की जांच पर टिकी निगाहें
अब पूरे मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। यदि जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ती है, तो बीजापुर अवैध रेत खनन से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

