आदिवासी पहचान को नई ताकत देगा कचना धुरवा गोंडवाना भवन

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दर्रापारा में निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन आदिवासी समाज की एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसका लोकार्पण करते हुए कहा कि यह भवन समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। यहां विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जा सकेंगी। इससे समाज के लोगों को एक मंच मिलेगा जहां वे अपनी परंपराओं, संस्कृति और विचारों का आदान-प्रदान कर सकेंगे तथा सामुदायिक विकास को नई दिशा देंगे।

आदिवासी पहचान को संरक्षित करने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी पहचान केवल संस्कृति तक सीमित नहीं है बल्कि यह समाज की आत्मा है। इसे संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने के लिए ऐसे संस्थानों की जरूरत है। गोंडवाना भवन समाज की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को सुरक्षित रखने का माध्यम बनेगा और युवाओं में अपनी पहचान के प्रति गर्व की भावना विकसित करेगा।

जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को मिल रहा लाभ

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और किसानों के लिए लागू योजनाओं से लाखों लोगों को लाभ मिला है। सरकार समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है, जिससे प्रदेश के नागरिकों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।

विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। उन्होंने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी आवश्यक है। आदिवासी समाज प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की परंपरा रखता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित होगा।

नई घोषणाओं से क्षेत्र को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने भवन परिसर के विकास के लिए 63 लाख रुपए की घोषणा करते हुए कहा कि यह निवेश समाज के दीर्घकालिक विकास में सहायक होगा। ग्रंथालय, बाउंड्रीवाल, प्रतिमा स्थापना और सौंदर्यीकरण कार्यों से परिसर आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय समाज के विकास और उनकी सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी।

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