राज्य सरकार ने 31 योजनाएं एकीकृत कर उन्हें एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं का समन्वय कर पात्र हितग्राहियों तक उनका लाभ पहुंचाया जाएगा। यह पहल शासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सामाजिक सुरक्षा से लेकर कृषि तक होगा लाभ
अभियान में शामिल 31 योजनाएं समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चयनित की गई हैं। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत, महतारी वंदन योजना, जल जीवन मिशन, मनरेगा और विभिन्न पेंशन योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त होंगे।
तीन चरणों में पूरा होगा अभियान
इन 31 योजनाओं के संतृप्तिकरण के लिए अभियान को तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में सर्वेक्षण और डेटा संग्रह होगा, दूसरे चरण में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे और तीसरे चरण में निगरानी तथा मूल्यांकन किया जाएगा। इस प्रक्रिया से सुनिश्चित किया जाएगा कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।
जिला प्रशासन की होगी महत्वपूर्ण भूमिका
अभियान के सफल संचालन में जिला प्रशासन प्रमुख भूमिका निभाएगा। 31 योजनाएं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टरों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। संभागायुक्त और राज्य स्तरीय समितियां नियमित समीक्षा करेंगी ताकि अभियान के लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके और किसी भी प्रकार की बाधा को दूर किया जा सके।
जनकेंद्रित विकास का बनेगा नया मॉडल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 31 योजनाएं केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम हैं। सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई दिशा देगा। इससे प्रदेश में सुशासन के नए मानक स्थापित होंगे और विकसित छत्तीसगढ़ का सपना और मजबूत होगा।

