छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी योजनाएं अब दूसरे राज्यों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर किसानों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और कृषि सुधारों की जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
धान उत्पादक किसानों को मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान हितैषी योजनाएं किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। धान खरीदी, कृषि निवेश सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और फसल विविधीकरण जैसे कदम किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। राज्य सरकार किसानों को बेहतर बाजार और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
राज्य की किसान हितैषी योजनाएं केवल खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा देती हैं। इससे ग्रामीण परिवारों की आय के नए स्रोत विकसित हो रहे हैं और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिल रही है। सरकार का लक्ष्य किसानों को बहुआयामी विकास के अवसर उपलब्ध कराना है।
महाराष्ट्र के विधायकों ने बताया अनुकरणीय मॉडल
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की किसान हितैषी योजनाएं और धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हुई हैं। उन्होंने माना कि किसानों को बेहतर मूल्य और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इन अनुभवों का लाभ महाराष्ट्र में भी लिया जा सकता है।
कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान हितैषी योजनाएं और सफल कृषि मॉडल राज्यों के बीच साझा किए जाने चाहिए। इससे कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस अध्ययन भ्रमण से दोनों राज्यों को सकारात्मक अनुभवों का लाभ मिलेगा।

