मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नेशन फर्स्ट की भावना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने बस्तर समेत पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक आतंक और भय से जूझने वाले क्षेत्रों में आज विकास, शांति और अवसरों का वातावरण दिखाई देता है। यह परिवर्तन केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
विकास योजनाओं का मिला व्यापक लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशन फर्स्ट की नीति के तहत सड़क, संचार, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार प्राथमिकता के साथ किया गया। दूरस्थ गांवों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की गई। इससे आम लोगों को विकास का लाभ मिला है और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
सुरक्षा बलों की भूमिका रही अहम
उन्होंने कहा कि नेशन फर्स्ट के संकल्प को सफल बनाने में सुरक्षा बलों की बहादुरी और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू किया गया। इससे लोगों का विश्वास शासन व्यवस्था में बढ़ा और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित हुई।
युवाओं को मिले नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशन फर्स्ट दृष्टिकोण का सबसे बड़ा लाभ युवाओं को मिला है। खेल, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध हुए हैं। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहे हैं और उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहे हैं।
बस्तर बनेगा विकास का नया केंद्र
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नेशन फर्स्ट के मार्गदर्शन में बस्तर आने वाले वर्षों में देश के सबसे तेजी से विकसित क्षेत्रों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र की पहचान नक्सलवाद नहीं बल्कि विकास, पर्यटन, खेल और जनभागीदारी के केंद्र के रूप में स्थापित हो रही है।

