मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों के बाद अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। खनिज विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने कई क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाकर संदिग्ध गतिविधियों की जांच की। सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
संयुक्त टीमों ने की बड़ी कार्रवाई
विशेष अभियान के दौरान अवैध परिवहन में संलिप्त सात वाहनों को पकड़ा गया। इनमें चूना पत्थर और रेत से भरे वाहन शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि सभी मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला
जांच के दौरान अवैध परिवहन से जुड़े कुछ व्यक्तियों द्वारा अधिकारियों के साथ अभद्रता और धमकी देने की घटना भी सामने आई। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
कानून के तहत होगी कठोर कार्रवाई
खनिज विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध परिवहन और अवैध खनन से जुड़े मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि जो लोग अवैध गतिविधियों को संरक्षण देंगे या अधिकारियों को धमकाने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
संसाधनों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
सरकार के अनुसार अवैध परिवहन पर नियंत्रण केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि प्राकृतिक संसाधनों और राजस्व हितों की सुरक्षा का भी मुद्दा है। इसी कारण संयुक्त निरीक्षण और निगरानी तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

