छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले सहकारिता सप्ताह के दौरान राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में सहकारिता से जुड़े लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को प्रमुखता दी जाएगी। मंत्री केदार कश्यप ने समीक्षा बैठक में कहा कि सहकार से समृद्धि का वास्तविक स्वरूप लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से दिखाई देता है। इसलिए प्रदर्शनी में केवल आंकड़ों की बजाय जमीनी उपलब्धियों को सामने लाया जाएगा।
सहकारी संस्थाओं की उपलब्धियों का प्रदर्शन
बैठक में जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि साख समितियां, विपणन संघ, दुग्ध महासंघ और मत्स्य महासंघ सहित कई संस्थाओं की भूमिका पर चर्चा हुई। सहकार से समृद्धि के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में इन संस्थाओं के योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे आम लोगों को सहकारिता मॉडल की उपयोगिता समझने का अवसर मिलेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
मंत्री ने कहा कि सहकार से समृद्धि केवल एक नारा नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। किसानों, महिला समूहों और छोटे उत्पादकों को सहकारिता से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में काम किया जा रहा है।
आधुनिक तकनीक से जुड़ेगी सहकारिता
सहकारी संस्थाओं को आधुनिक तकनीक और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। सहकार से समृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मूल्य संवर्धन, ई-सेवाएं और बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे सहकारिता क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और लाभार्थियों को अधिक फायदा मिलेगा।
व्यापक जनभागीदारी से बनेगा सफल आयोजन
29 जून से 6 जुलाई तक चलने वाले कार्यक्रमों में विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सहकार से समृद्धि के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, प्रदर्शनी और संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि सहकारिता का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में नई पहचान बनाए।

