संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में 13 विद्यार्थियों की UPSC सफलता ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में विद्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने अपने परिश्रम और समर्पण से प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को प्रेरणा दी है। यह उपलब्धि शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के क्षेत्र में राज्य की बढ़ती संभावनाओं को भी दर्शाती है।
सीमित संसाधनों के बावजूद हासिल की उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह UPSC सफलता उन परिवारों के लिए भी सम्मान का विषय है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर दिया। जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले इन विद्यार्थियों ने दिखाया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मुख्य परीक्षा की तैयारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आगामी चरणों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि UPSC सफलता का वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन है। उन्होंने युवाओं को अनुशासित जीवनशैली अपनाने और नियमित अध्ययन जारी रखने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार हैं।
ट्राइबल यूथ हॉस्टल की भूमिका रही महत्वपूर्ण
विद्यार्थियों ने बताया कि दिल्ली स्थित हॉस्टल में मिले अध्ययन वातावरण और मार्गदर्शन ने उनकी UPSC सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यहां उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञ मार्गदर्शन ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया। मुख्यमंत्री ने इस मॉडल को और मजबूत बनाने की बात कही।
भविष्य के प्रशासनिक अधिकारी बनेंगे युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि UPSC सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भविष्य में देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा प्रशासनिक सेवाओं में पहुंचकर पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनसेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाएंगे तथा छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।

