मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच में सामने आया कि संबंधित प्रतिष्ठान किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेच रहा था। शिकायत की पुष्टि होते ही विक्रय केंद्र सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इससे यह स्पष्ट संदेश गया कि किसानों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डिजिटल साक्ष्यों से मिली पुष्टि
अधिकारियों ने शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की। सभी तथ्यों के परीक्षण के बाद अधिक कीमत वसूली की पुष्टि हुई। इसके आधार पर विक्रय केंद्र सील करने का निर्णय लिया गया। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
3219 बोरी उर्वरक जब्त
औचक निरीक्षण के दौरान परिसर में रखी 3219 बोरी उर्वरक जब्त की गईं। इसके साथ ही विक्रय केंद्र सील कर दिया गया ताकि आगे किसी प्रकार की अनियमित गतिविधि न हो सके। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा के लिए की गई है और दोषियों के खिलाफ आगे भी जांच जारी रहेगी।
कालाबाजारी पर रहेगा कड़ा नियंत्रण
सरकार का उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना है। इसी कारण विक्रय केंद्र सील जैसी सख्त कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले भर में उर्वरक विक्रेताओं की निगरानी बढ़ाई जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से सहयोग की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या अधिक मूल्य वसूली की जानकारी तुरंत दें। विक्रय केंद्र सील जैसी कार्रवाई जनभागीदारी और शिकायतों के आधार पर ही संभव हो पाती है। विभाग ने भरोसा दिलाया कि किसानों की हर शिकायत को गंभीरता से लेकर समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।

