अवैध शिकार मामले में वन विभाग की कार्रवाई, सात आरोपी पहुंचे जेल

CG DARSHAN
CG DARSHAN 2 Min Read
2 Min Read
Advertisement Carousel

कवर्धा जिले के भलपहरी बीट में अवैध शिकार का मामला सामने आया। वन विभाग और वन विकास निगम ने संयुक्त कार्रवाई की। सात आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया।

सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। बाद में अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया।

मुख्य बातें

  • भलपहरी बीट में नर चीतल के शिकार का खुलासा हुआ।
  • सात आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार किए गए।
  • चीतल का मांस और शिकार सामग्री बरामद हुई।
  • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ।
  • नियमित गश्त और सूचना तंत्र से सफलता मिली।
  • सरकार ने वन अपराधियों के खिलाफ सख्ती दोहराई।

अवैध शिकार का ऐसे हुआ खुलासा

वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली। इसके बाद टीम ने तुरंत घेराबंदी की। कार्रवाई योजनाबद्ध तरीके से की गई।

आरोपियों ने जाल बिछाकर नर चीतल का शिकार किया था। वे उसका मांस पकाकर बांटने की तैयारी कर रहे थे।

अवैध शिकार में बरामद हुई सामग्री

अवैध शिकार मामले में वन विभाग ने अहम सामान जब्त किया।

टीम ने लगभग 500 ग्राम पका हुआ मांस बरामद किया। कुल्हाड़ियां, स्टील के तार और फंदे भी मिले। खून से सना थैला भी जब्त किया गया।

निगरानी अभियान से बढ़ी सफलता

वन विभाग संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रहा है। सूचना तंत्र को भी मजबूत बनाया गया है।

साथ ही विशेष अभियान नियमित चलाए जा रहे हैं। इसलिए वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण बन रहा है।

सरकार ने दिया स्पष्ट संदेश

अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार ने यह स्पष्ट किया।

वन मंत्री केदार कश्यप ने लोगों से सहयोग की अपील की। उन्होंने वन अपराध की सूचना तुरंत विभाग को देने को कहा। इससे वन्यजीवों का बेहतर संरक्षण संभव होगा।

Share This Article
Leave a comment