कोलकाता में आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर TTF 2026 में छत्तीसगढ़ ने अपनी पर्यटन क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया। राज्य पर्यटन मंडल ने आकर्षक पवेलियन के माध्यम से प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों की जानकारी दी। आयोजन में देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, निवेशक और पर्यटन विशेषज्ञ शामिल हुए। इससे राज्य को नए पर्यटन बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिला।
प्रदर्शनी के दौरान पर्यटन बोर्ड ने आधुनिक सुविधाओं, इको-टूरिज्म और जनजातीय संस्कृति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। आगंतुकों ने राज्य की विविध पर्यटन संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई। इससे भविष्य में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की उम्मीद बढ़ी।
TTF 2026 में बी2बी बैठकों से बढ़े निवेश के अवसर
आयोजन के दौरान पर्यटन बोर्ड के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन चर्चाओं में संयुक्त पर्यटन पैकेज, विपणन सहयोग और निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
पर्यटन विशेषज्ञों ने माना कि ऐसे आयोजनों से राज्यों को वैश्विक मंच मिलता है। इससे नए निवेशकों और पर्यटकों तक प्रभावी पहुंच बनती है। आने वाले समय में राज्य के पर्यटन उद्योग को इसका सकारात्मक लाभ मिलने की संभावना है।
मुख्य बातें
- कोलकाता में आयोजित पर्यटन मेले में राज्य की प्रभावी भागीदारी रही।
- पर्यटन मंडल का विशेष पवेलियन आकर्षण का केंद्र बना।
- बी2बी बैठकों में नए पर्यटन सहयोग पर चर्चा हुई।
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने पर्यटन मॉडल की सराहना की।
- निवेश और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर विशेष फोकस रहा।
पर्यटन स्थलों ने आकर्षित किए आगंतुक
प्रदर्शनी में चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर और भोरमदेव जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित किया गया। बस्तर की जनजातीय संस्कृति और स्थानीय हस्तशिल्प भी आकर्षण का केंद्र रहे।
इसके अलावा, राज्य के पर्यटन रिसॉर्ट, होमस्टे और इको-टूरिज्म मॉडल की जानकारी भी दी गई। पर्यटन उद्यमियों ने संभावित साझेदारों के साथ व्यावसायिक चर्चा की। इससे राज्य में पर्यटन निवेश की संभावनाओं को नई दिशा मिल सकती है।
एक नजर में
- आयोजन: ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर 2026
- स्थान: कोलकाता
- अवधि: 10–12 जुलाई
- उद्देश्य: पर्यटन प्रचार और निवेश
- प्रमुख आकर्षण: प्राकृतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन

