भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा में राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शामिल हुए। दोनों ने पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और किसानों की खुशहाली की कामना की।
मुख्य बातें
- राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना की।
- छेरा-पहरा की परंपरा निभाई गई।
- रथयात्रा का शुभारंभ विधि-विधान से हुआ।
- किसानों के लिए अच्छी वर्षा की प्रार्थना की गई।
- बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में निभाई गई परंपरा
रायपुर के गायत्री नगर स्थित मंदिर में भव्य आयोजन हुआ। वैदिक मंत्रों के बीच प्रतिमाओं को रथ पर विराजित किया गया।
इसके बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने छेरा-पहरा की रस्म निभाई। फिर रथयात्रा का शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व सेवा, समानता और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। इसलिए समाज में एकता मजबूत होती है।
भगवान जगन्नाथ का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान जगन्नाथ किसानों के आराध्य हैं। उन्होंने प्रदेश में भरपूर वर्षा और अच्छी फसल की कामना की।
उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करते हैं। साथ ही सामाजिक सद्भाव भी बढ़ाते हैं।
रथयात्रा का प्रदेश में विशेष महत्व
ओडिशा की निकटता के कारण छत्तीसगढ़ में यह पर्व विशेष उत्साह से मनाया जाता है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं।
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा लोकसंस्कृति और जनभागीदारी का प्रमुख प्रतीक मानी जाती है।
प्रमुख अपडेट
- गायत्री नगर मंदिर में हुआ आयोजन।
- छेरा-पहरा की परंपरा निभाई गई।
- प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना हुई।
- बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
- जनप्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।

