देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद एक बार फिर राजस्थान का कोटा चर्चा में है। कोटा NEET Result ने साबित कर दिया कि शहर की कोचिंग व्यवस्था अब भी देश के मेधावी छात्रों की पहली पसंद बनी हुई है। इस वर्ष आर्यन गुप्ता ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। वहीं पंशुल बंसल, आयुष भालोटिया और गौरव सिंह भी टॉप-10 में शामिल रहे। इसके अलावा टॉप-100 में भी कोटा के कई छात्रों ने अपनी जगह बनाई।
मुख्य बातें
- एनटीए ने NEET UG 2026 का परिणाम जारी किया।
- आर्यन गुप्ता ने AIR-1 हासिल की।
- पंशुल बंसल को AIR-2 मिला।
- आयुष भालोटिया AIR-4 पर रहे।
- गौरव सिंह ने AIR-9 प्राप्त किया।
- टॉप-100 में कोटा के कई विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की।
कोटा NEET Result ने फिर कायम रखी सफलता की परंपरा
मेडिकल प्रवेश परीक्षा के हर सीजन में कोटा के छात्रों का प्रदर्शन चर्चा का विषय बनता है। इस बार भी परिणामों में यही तस्वीर देखने को मिली। कई छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष रैंक प्राप्त कर शहर की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया।
आर्यन गुप्ता ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया। वहीं पंशुल बंसल, आयुष भालोटिया और गौरव सिंह ने भी टॉप-10 में जगह बनाकर शानदार उपलब्धि दर्ज की। लगातार अच्छे परिणामों ने कोटा को मेडिकल तैयारी का प्रमुख केंद्र बनाए रखा है।
टॉप रैंकर्स की मेहनत बनी सफलता की कुंजी
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित अध्ययन, समयबद्ध अभ्यास और कॉन्सेप्ट की स्पष्ट समझ अच्छे परिणाम की सबसे बड़ी वजह होती है। कोटा के अधिकांश सफल विद्यार्थियों ने इसी रणनीति को अपनाया।
सफल छात्रों ने मॉक टेस्ट, नियमित क्लास और स्वयं अध्ययन के बीच संतुलन बनाकर तैयारी की। यही अनुशासन उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान तक पहुंचाने में मददगार साबित हुआ।
कोटा NEET Result में पंशुल बंसल की कहानी बनी प्रेरणा
फरीदाबाद के रहने वाले पंशुल बंसल ने बताया कि उन्होंने सातवीं कक्षा में ही डॉक्टर बनने का लक्ष्य तय कर लिया था। बायोलॉजी में रुचि होने के कारण उन्होंने उसी दिशा में लगातार मेहनत की।
उन्होंने 10वीं और 12वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। साथ ही JEE Main 2026 में 99.5 पर्सेंटाइल हासिल किया। इसके बावजूद उनका पूरा फोकस मेडिकल प्रवेश परीक्षा पर बना रहा।
उनका कहना है कि यदि विद्यार्थी समय रहते अपना लक्ष्य तय कर लें, तो तैयारी अधिक प्रभावी होती है और सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
परिवार ने दिया पूरा सहयोग
पंशुल ने बताया कि उनके पिता व्यवसाय से जुड़े हैं और माता कंपनी सेक्रेटरी हैं। परिवार ने कभी भी उन पर करियर चुनने का दबाव नहीं बनाया।
उन्होंने दो वर्षों तक नियमित क्लासरूम कोचिंग की। शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया। सकारात्मक माहौल ने उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
एक नजर में
- AIR-1: आर्यन गुप्ता
- AIR-2: पंशुल बंसल
- AIR-4: आयुष भालोटिया
- AIR-9: गौरव सिंह
- टॉप-100 में कोटा के कई छात्र शामिल
- मेडिकल तैयारी में कोटा का दबदबा कायम

