RBI की नई करेंसी तैयारी: प्लास्टिक नोट ट्रायल से क्या बदलेगी भारत की नकदी व्यवस्था?

CG DARSHAN
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक बार फिर प्लास्टिक नोट ट्रायल की तैयारी में जुट गया है। देश में नकदी की बढ़ती मांग और नोटों की छपाई पर बढ़ते खर्च को देखते हुए केंद्रीय बैंक जल्द पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है। यदि यह योजना सफल रहती है, तो भारत भी पॉलीमर करेंसी अपनाने वाले देशों की सूची में शामिल हो सकता है।

मुख्य बातें

  • RBI तीसरी बार पॉलीमर नोटों का परीक्षण करेगा।
  • शुरुआत ₹10 और ₹20 के नोटों से हो सकती है।
  • प्लास्टिक नोट सामान्य नोटों से अधिक टिकाऊ माने जाते हैं।
  • एटीएम और बैंकिंग सिस्टम को अपग्रेड करने की तैयारी।
  • 60 से अधिक देशों में पॉलीमर नोट पहले से चलन में हैं।

प्लास्टिक नोट ट्रायल क्या है?

प्लास्टिक नोट ट्रायल के तहत कागज के बजाय पॉलीमर सामग्री से बने बैंकनोटों का परीक्षण किया जाएगा। ये नोट हल्के और लचीले होते हैं। इन्हें सामान्य नोटों की तरह आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

इन नोटों में आधुनिक सुरक्षा फीचर भी जोड़े जाते हैं। इससे नकली नोट तैयार करना पहले की तुलना में अधिक मुश्किल हो जाता है। साथ ही ये नमी, गंदगी और फटने से भी बेहतर तरीके से सुरक्षित रहते हैं।

RBI ने फिर क्यों शुरू की यह पहल?

भारत में डिजिटल भुगतान बढ़ा है। इसके बावजूद नकदी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में नोटों की छपाई पर 6,372.8 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसी दौरान 23.8 अरब पुराने बैंकनोट नष्ट किए गए।

प्लास्टिक नोट ट्रायल का उद्देश्य नोटों की गुणवत्ता बढ़ाना और छपाई का खर्च कम करना है। छोटे मूल्यवर्ग के नोट सबसे अधिक उपयोग में आते हैं। इसलिए वे जल्दी खराब हो जाते हैं।

प्लास्टिक नोट ट्रायल इस बार क्यों माना जा रहा है अहम?

प्लास्टिक नोट ट्रायल की कोशिश वर्ष 2010 और 2017 में भी हुई थी। लेकिन उस समय तकनीकी समस्याओं के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी। कई एटीएम और कैश मशीनें पॉलीमर नोटों के लिए तैयार नहीं थीं।

इस बार RBI भारत में ही पॉलीमर शीट तैयार कराने की योजना बना रहा है। साथ ही बैंकिंग मशीनों को भी नए नोटों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा। इससे परियोजना के सफल होने की संभावना बढ़ गई है।

एक नजर में

  • पायलट प्रोजेक्ट: RBI की नई पहल
  • संभावित नोट: ₹10 और ₹20
  • पहला प्रयास: 2010
  • दूसरा प्रयास: 2017
  • पहला देश: ऑस्ट्रेलिया
  • उपयोग: 60 से अधिक देशों में

क्या सभी नोट बदल दिए जाएंगे?

प्लास्टिक नोट ट्रायल के तहत शुरुआत केवल सीमित स्तर पर होगी। पहले छोटे मूल्यवर्ग के नोटों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद लोगों की प्रतिक्रिया और तकनीकी रिपोर्ट का मूल्यांकन होगा।

यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में अन्य मूल्यवर्ग के नोट भी पॉलीमर सामग्री में जारी किए जा सकते हैं। फिलहाल सभी कागजी नोट बदलने की कोई योजना नहीं है।

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