कोलकाता हाईकोर्ट ने अभिषेक पोरेल रेप मामला में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने पुलिस को क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी के प्रयास तेज करने और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त करने का आदेश दिया है। अदालत का कहना है कि जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना आवश्यक है, ताकि कथित निजी फोटो और वीडियो आगे साझा न किए जा सकें।
यह मामला फिलहाल जांच के चरण में है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
अभिषेक पोरेल रेप मामला में महिला ने क्या आरोप लगाए?
शिकायत के अनुसार महिला और अभिषेक पोरेल की पहचान जनवरी 2023 में हुई थी। महिला का आरोप है कि क्रिकेटर ने शादी का वादा कर अपने फ्लैट पर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसे जानकारी मिली कि आरोपी के अन्य महिलाओं से भी संबंध थे।
महिला ने यह भी दावा किया कि उसे कुछ समय तक फ्लैट में रोका गया। पर्याप्त भोजन नहीं दिया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत के मुताबिक, अप्रैल 2026 में दिल्ली में हुई एक कथित घटना के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी और उसे उपचार कराना पड़ा।
महिला ने फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से धमकी मिलने का आरोप भी लगाया है।
अदालत ने डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने पर दिया जोर
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जांच में एक पेन ड्राइव बरामद हुई है। उसमें महत्वपूर्ण डिजिटल सामग्री होने की आशंका है। इसी कारण पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने से जांच प्रभावित नहीं होगी और कथित सामग्री के प्रसार पर भी रोक लगाई जा सकेगी।
अभिषेक पोरेल रेप मामला में पुलिस को क्या करना होगा?
हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस पहले से आरोपी की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। हालांकि, अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अदालत ने जांच एजेंसियों को कार्रवाई तेज करने और सभी डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला 23 जून 2026 को मोगरा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। अब पुलिस अदालत के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी।
क्रिकेटर ने आरोपों से किया इनकार
अभिषेक पोरेल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यदि उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है, तो आरोप पूरी तरह झूठे हैं।
23 वर्षीय अभिषेक पोरेल बंगाल के विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। वह घरेलू क्रिकेट के साथ आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स का प्रतिनिधित्व करते हैं। फ्रेंचाइजी ने उन्हें चार करोड़ रुपये में रिटेन किया था।
जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल अभिषेक पोरेल रेप मामला न्यायिक जांच के अधीन है। अदालत के निर्देशों के बाद पुलिस डिजिटल साक्ष्य जुटाने और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में लगी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायालय की सुनवाई पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

