रायपुर में आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि वितरित करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उचित संसाधन और बेहतर मंच उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इससे राज्य की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
19 पदकों के साथ छत्तीसगढ़ ने दर्ज कराया दमदार प्रदर्शन
इस वर्ष आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में छत्तीसगढ़ ने शानदार प्रदर्शन किया। राज्य ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित कुल 19 पदक अपने नाम किए।
निकिता ने भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीता। वहीं रिषिका कश्यप, अनुष्का भगत, लक्ष्मण सोढ़ी, अभिषेक, डमरू कुमार, गजेन्द्र ठाकुर और तिलक बारसे ने रजत पदक हासिल किए। मनीष कुमार, निखिल खलको और लक्की बाबू ने कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से खिलाड़ियों को मिला आर्थिक प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹2 लाख, रजत पदक विजेताओं को ₹1.5 लाख और कांस्य पदक विजेताओं को ₹1 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
टीम प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला फुटबॉल टीम को ₹22 लाख दिए गए। रजत पदक विजेता पुरुष फुटबॉल टीम को ₹16.5 लाख और कांस्य पदक जीतने वाली पुरुष हॉकी टीम को ₹9 लाख की राशि प्रदान की गई।
स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव से खेल नीति को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहली बार आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव राज्य के खेल विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। विशेषज्ञों ने खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण और प्रतिभा खोज को लेकर कई उपयोगी सुझाव दिए।
उन्होंने बताया कि उत्कृष्ट खेल मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कॉन्क्लेव में मिले सुझावों के आधार पर नई कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्राथमिक स्तर से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में खेलों की अपार क्षमता है। सरकार उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
एक नजर में
- कुल 19 पदक जीतकर छत्तीसगढ़ ने शानदार प्रदर्शन किया।
- 11 खिलाड़ियों और 3 टीमों को प्रोत्साहन राशि मिली।
- खेल अधोसंरचना के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान।
- पहली बार स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ।
- नई खेल कार्ययोजना तैयार करने की घोषणा।

