धमतरी के रुद्री स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित भव्य महानदी गंगा आरती ने जिले को नई आध्यात्मिक पहचान दी है। इसके साथ ही प्रस्तावित 20 करोड़ रुपये की विकास परियोजना धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी में है। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित होंगी।
मुख्य बातें
- महानदी तट पर पहली बार भव्य गंगा आरती।
- रुद्रेश्वर धाम के लिए 20 करोड़ रुपये की परियोजना।
- आधुनिक सुविधाओं से होगा मंदिर परिसर का विकास।
- स्थानीय रोजगार और पर्यटन को मिलेगा लाभ।
- पर्यावरण संरक्षण को भी मिलेगी प्राथमिकता।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार
राज्य शासन की योजना के तहत रुद्रेश्वर धाम को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। मंदिर परिसर में मुख्य प्रवेश द्वार, दीप स्तंभ, नंदी प्रतिमा, आकर्षक घाट और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी।
साथ ही डिजिटल सूचना केंद्र, स्वास्थ्य सुविधा, प्रसाद केंद्र, फूड कोर्ट और दिव्यांग अनुकूल व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
धार्मिक पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
परियोजना में रिवर फ्रंट कॉटेज, ओपन एयर स्टेज, हरित उद्यान, सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग और ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
इन विकास कार्यों से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। वहीं पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
महानदी गंगा आरती बनी नया आकर्षण
सावन के पहले सोमवार को 108 दीपों, वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच आयोजित महानदी गंगा आरती में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। अब प्रत्येक सावन सोमवार को यह आयोजन नियमित रूप से होगा।
इस पहल से धमतरी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रमुख अपडेट
- रुद्रेश्वर धाम का समग्र विकास होगा।
- हर सोमवार महानदी गंगा आरती होगी।
- आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित होंगी।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ।
- धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान होगी मजबूत।

