मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में तकनीकी नवाचार, औद्योगिक विकास, वित्तीय पारदर्शिता, ग्रामीण अधोसंरचना और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े निर्णय लिए गए। इन फैसलों से राज्य में विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्य बातें
- 500 करोड़ रुपये के AI मिशन को मंजूरी।
- BEML के भारी मशीन निर्माण संयंत्र की स्थापना होगी।
- WAMIS से निर्माण कार्यों का डिजिटल प्रबंधन होगा।
- मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना में संशोधन।
- ADB की सहायता से अंजोर LIGHT परियोजना लागू होगी।
- S-SNA मॉडल से योजनाओं का वित्तीय प्रबंधन मजबूत होगा।
- CSPGCL को 200 करोड़ रुपये तक बॉन्ड जारी करने की अनुमति।
डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने वाले अहम निर्णय
मंत्रिपरिषद ने राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन लागू करने का निर्णय लिया। इसके तहत AI डेटा लैब, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्टार्टअप सहायता और बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। साथ ही शासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए AI आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग में WAMIS प्रणाली लागू कर निर्माण कार्यों की स्वीकृति, भुगतान, गुणवत्ता निगरानी और लेखा प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा।
डिजिटल सुशासन के साथ विकास और निवेश को भी बढ़ावा
बैठक में BEML के भारी मशीन निर्माण संयंत्र की स्थापना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना में संशोधन, ADB की तकनीकी सहायता परियोजना तथा State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल को भी मंजूरी दी गई।
साथ ही CSPGCL को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर जारी करने की अनुमति दी गई है। इन निर्णयों से औद्योगिक निवेश, वित्तीय अनुशासन, अधोसंरचना विकास और सरकारी योजनाओं की निगरानी को नई मजबूती मिलेगी।
विकास और पारदर्शिता को मिलेगी नई दिशा
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही निवेश, रोजगार, डिजिटल सेवाओं और सुशासन को नई रफ्तार मिलेगी। आने वाले वर्षों में इन पहलों का लाभ आम नागरिकों और उद्योगों दोनों को मिलेगा।
प्रमुख अपडेट
- AI मिशन पर 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- WAMIS से निर्माण कार्य पूरी तरह डिजिटल होंगे।
- BEML लगाएगा भारी मशीन निर्माण संयंत्र।
- ग्रामीण सड़क योजना के नियमों में संशोधन।
- ADB से तकनीकी सहायता परियोजना को अनुदान।
- S-SNA मॉडल से वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी।

