भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 से पहले बड़ा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम हर मुकाबले में जीत की मानसिकता के साथ उतरेगी। नेशंस कप में शानदार प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। अब टीम का पूरा फोकस विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने पर है।
नेशंस कप की सफलता से बढ़ा आत्मविश्वास
भारतीय टीम ने जून में न्यूजीलैंड में आयोजित एफआईएच नेशंस कप में शानदार प्रदर्शन किया था। टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। फाइनल में न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर भारत ने खिताब अपने नाम किया।
इसी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सलीमा टेटे ने कहा कि यह जीत टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही। खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वही लय विश्व कप में भी बनाए रखने की कोशिश होगी।
16 अगस्त से शुरू होगा भारत का अभियान
एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड्स की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। भारत को पूल-डी में चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ रखा गया है।
भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 16 अगस्त को चीन के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका और 20 अगस्त को इंग्लैंड से भिड़ेगी। सभी मुकाबले एम्स्टेलवीन के वेगेनर हॉकी स्टेडियम में होंगे।
दूसरी बार विश्व कप खेलेंगी सलीमा टेटे
यह सलीमा टेटे के करियर का दूसरा महिला हॉकी विश्व कप होगा। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी का सपना विश्व कप में देश के लिए पदक जीतना होता है। टीम हर मैच को बराबर महत्व देगी और किसी भी विरोधी को हल्के में नहीं लेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मैदान पर कप्तान की जिम्मेदारी केवल रणनीति बनाना नहीं है। पूरी टीम का मनोबल बनाए रखना भी उतना ही जरूरी होता है।
युवा खिलाड़ियों से मिलेगी नई ताकत
भारतीय कप्तान ने युवा खिलाड़ियों की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि साक्षी राणा, इशिका और रुतुजा दादासो पिसाल जैसी खिलाड़ी टीम में नई ऊर्जा लेकर आई हैं।
उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों को बिना दबाव के खेलने की आजादी मिलनी चाहिए। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और टीम को भविष्य में भी मजबूती मिलेगी।
आक्रामक हॉकी होगी भारत की रणनीति
विश्व कप से पहले भारतीय टीम ने बेंगलुरु में प्रशिक्षण शिविर लगाया। इसके बाद जर्मनी में अभ्यास मैच खेले और अब टीम नीदरलैंड्स पहुंच चुकी है।
सलीमा टेटे ने कहा कि टीम का लक्ष्य हर मुकाबले में सकारात्मक सोच के साथ उतरना है। उन्होंने गोलकीपरों की भी तारीफ की और कहा कि उनकी मौजूदगी से बाकी खिलाड़ी बिना डर के आक्रमण कर पाते हैं।
भारतीय टीम इस बार विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
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