हरेली महोत्सव 2026: मुख्यमंत्री निवास में जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति

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हरेली महोत्सव के अवसर पर नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन का भव्य आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर प्रदेश में अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और किसानों की खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रीगण, किसान और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।

मुख्य बातें

  • मुख्यमंत्री ने कृषि औजारों और गौवंश की पूजा की।
  • पिंक ऑटो से पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
  • पारिजात का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
  • किसान को 16 लाख रुपये की हार्वेस्टर सब्सिडी प्रदान की गई।
  • ड्रोन दीदी की सफलता को मंच से सराहा गया।
  • लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक खेल आकर्षण का केंद्र बने।

हरेली महोत्सव में किसानों और प्रकृति को मिला विशेष सम्मान

हरेली महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व प्रकृति, पशुधन और खेती-किसानी के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि किसान की समृद्धि से ही गांव और प्रदेश का विकास संभव है। इसलिए राज्य सरकार कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही है।

मुख्यमंत्री ने गौशाला पहुंचकर गौमाता की पूजा की और पारंपरिक लोंदी, हरा चारा तथा चना-गुड़ खिलाया। उन्होंने पशुधन संरक्षण को ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया।

हरेली महोत्सव में आधुनिक कृषि तकनीक का भी मिला संदेश

हरेली महोत्सव के दौरान कृषि विभाग के स्टॉलों में आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों की जानकारी ली और रायपुर के किसान इंद्र कुमार वर्मा को हार्वेस्टर खरीदने के लिए 16 लाख रुपये की सब्सिडी का चेक सौंपा।

उन्होंने ड्रोन दीदी चंद्रकली वर्मा से भी संवाद किया। चंद्रकली ने बताया कि वह ड्रोन तकनीक से खेतों में नैनो उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव कर रही हैं। इससे किसानों को सुविधा मिल रही है और उन्हें अच्छी आय भी प्राप्त हो रही है।


लोक संस्कृति और पारंपरिक खेलों ने बांधा समां

कार्यक्रम स्थल को नीम, आम और गेंदे के फूलों से सजाया गया था। मांदर और ढोलक की थाप पर लोक कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री भी कलाकारों के साथ लोकधुनों पर शामिल हुए।

गेड़ी, बिल्लस, गोटी और रहचुली जैसे पारंपरिक खेलों ने बच्चों और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा। वहीं ठेठरी, खुरमी और बड़े जैसे छत्तीसगढ़ी व्यंजनों ने ग्रामीण स्वाद की झलक प्रस्तुत की।


सरकार ने दोहराया किसानों के विकास का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद का लाभ दे रही है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और कृषि यंत्रीकरण को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाली और पर्यावरण संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव हैं।


एक नजर में

  • कृषि औजारों और गौमाता की विधिवत पूजा हुई।
  • मुख्यमंत्री ने पारिजात का पौधा लगाया।
  • ड्रोन तकनीक और आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन हुआ।
  • किसान को 16 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई।
  • लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक खेल आकर्षण बने।
  • पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण संस्कृति का संदेश दिया गया।

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