टीम इंडिया के सामने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की चुनौती अब पहले से कठिन हो गई है। भारत WTC फाइनल की उम्मीदें अगले नौ टेस्ट मुकाबलों पर टिकी हैं। मौजूदा अंक प्रतिशत के आधार पर भारतीय टीम शीर्ष दो से बाहर है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज पूरे अभियान की दिशा तय कर सकती है।
श्रीलंका सीरीज से बदलेगी अंक तालिका
भारत 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा। यदि टीम दोनों मुकाबले जीतने में सफल रहती है, तो अंक प्रतिशत में बड़ा सुधार होगा। इससे भारत WTC फाइनल की संभावनाएं मजबूत होंगी और टीम शीर्ष चार के करीब पहुंच सकती है।
यदि भारतीय टीम सीरीज गंवाती है, तो फाइनल की राह बेहद कठिन हो जाएगी। इसके बाद बाकी मुकाबलों में लगभग हर मैच जीतना जरूरी हो सकता है।
सभी नौ टेस्ट जीतना क्यों जरूरी?
भारतीय टीम के पास अभी कुल नौ टेस्ट मुकाबले बाकी हैं। इनमें श्रीलंका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ सीरीज शामिल हैं। यदि भारत सभी मुकाबले जीत लेता है, तो भारत WTC फाइनल की उम्मीद लगभग पक्की मानी जाएगी।
एक या दो हार की स्थिति में टीम को ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ सकता है।
न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया सीरीज होंगी निर्णायक
श्रीलंका दौरे के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी। इसके बाद घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया की मजबूत चुनौती मिलेगी। इन मुकाबलों का असर सीधे अंक तालिका पर दिखाई देगा।
इसी वजह से भारत WTC फाइनल की दौड़ में हर टेस्ट मैच बराबर महत्व रखेगा। किसी भी सीरीज में खराब प्रदर्शन टीम को पीछे धकेल सकता है।
शुभमन गिल के नेतृत्व पर रहेंगी निगाहें
शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम नए टेस्ट चक्र में अच्छा प्रदर्शन करना चाहेगी। बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को लगातार बेहतर खेल दिखाना होगा। अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका भी काफी अहम रहेगी।
यदि टीम संतुलित प्रदर्शन करती है, तो फाइनल में जगह बनाने की संभावना मजबूत बनी रहेगी। वहीं लगातार हार पूरे अभियान को प्रभावित कर सकती है।
भारत के बाकी टेस्ट मुकाबले
- श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट।
- न्यूजीलैंड के खिलाफ 2 टेस्ट।
- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 टेस्ट।
- सभी मुकाबले WTC अंक तालिका के लिहाज से बेहद अहम।
फाइनल की उम्मीदें किन बातों पर निर्भर?
- श्रीलंका के खिलाफ सीरीज जीत।
- घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन।
- न्यूजीलैंड दौरे में महत्वपूर्ण जीत।
- अंक प्रतिशत में लगातार सुधार।
- अन्य शीर्ष टीमों के नतीजों पर कम निर्भरता।
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