जशपुर : एक परिचय पुस्तक का सीएम साय ने किया विमोचन

CG DARSHAN
CG DARSHAN 6 Min Read
6 Min Read
Advertisement Carousel

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर : एक परिचय पुस्तक का विमोचन किया। यह प्रकाशन जशपुर के इतिहास और विकास यात्रा को समेटता है। इसमें प्रशासन, सुशासन, संस्कृति और प्राकृतिक संपदा का भी अध्ययन किया गया है।

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा ने यह अध्ययन तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जशपुर की विशिष्ट पहचान सामने लाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि जिले में विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

जशपुर : एक परिचय में प्रशासनिक बदलावों का दस्तावेज

पुस्तक में आजादी के बाद जशपुर की प्रशासनिक यात्रा दर्ज की गई है। इसमें वर्तमान प्रशासनिक संस्थाओं और उनकी कार्यप्रणाली का भी अध्ययन किया गया है। सामाजिक और आर्थिक बदलावों को भी पुस्तक में स्थान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी क्षेत्र की विकास यात्रा समझने के लिए समग्र अध्ययन जरूरी है। इसमें इतिहास, समाज, संस्कृति, प्राकृतिक संसाधन और प्रशासन को साथ देखना आवश्यक है। इस दृष्टि से यह प्रकाशन महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री बन सकता है।

जशपुर : एक परिचय में प्रकृति और जनजातीय संस्कृति की झलक

जशपुर की भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताएं इसे अलग पहचान देती हैं। यहां पहाड़, घाटियां, नदियां, जलप्रपात और घने वन मौजूद हैं। इसके साथ ही जनजातीय समुदायों की समृद्ध परंपराएं भी जिले की पहचान हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जीवन पद्धति और प्रकृति के बीच संतुलन जशपुर की खासियत है। इसलिए विकास योजनाओं में स्थानीय परिस्थितियों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

विकास के साथ प्रकृति संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने जशपुर में विकास की विभिन्न संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कृषि, वनोपज, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही। महिला और युवा उद्यमिता से रोजगार के नए अवसर भी बन सकते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और संचार सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। इसके साथ प्राकृतिक संपदा और स्थानीय संस्कृति का संरक्षण भी होना चाहिए। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन से जिले को आगे बढ़ाया जा सकता है।

पर्यटन के क्षेत्र में जशपुर की बड़ी संभावनाएं

जशपुर को प्राकृतिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया। यहां के जंगल, पहाड़ और जलप्रपात पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। जनजातीय जीवन और स्थानीय संस्कृति भी पर्यटन को नई पहचान दे सकती है।

पारंपरिक कला और स्थानीय खान-पान इसके पर्यटन आकर्षण को बढ़ा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खूबियों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण जरूरी है। इससे जशपुर को व्यापक स्तर पर पहचान मिल सकती है।

मुख्य बातें:

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुस्तक का विमोचन किया।
  • पुस्तक में जशपुर की प्रशासनिक यात्रा दर्ज की गई है।
  • जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा का अध्ययन किया गया है।
  • पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की संभावनाएं सामने रखी गई हैं।
  • भविष्य के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण आयाम प्रस्तुत किए गए हैं।

पुस्तक की प्रमुख विशेषताएं:

  • आजादी के बाद प्रशासनिक बदलावों का विवरण।
  • सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का अध्ययन।
  • प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी।
  • वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था का आकलन।
  • भविष्य के विकास के लिए संभावित दिशाओं की पहचान।

शोध और नीति निर्माण में मिलेगी मदद

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान ने जिला स्तर के अध्ययन के तहत जशपुर का चयन किया। इस पहल का उद्देश्य प्रशासन और विकास की यात्रा का दस्तावेजीकरण करना है।

अध्ययन में सरकारी विभागों से प्राप्त आंकड़ों और जानकारियों का उपयोग किया गया। जनगणना 2011 और विभिन्न सरकारी प्रकाशनों को भी अध्ययन का आधार बनाया गया। पुस्तक को पारंपरिक जिला गजेटियर के बजाय समग्र दस्तावेज के रूप में तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जशपुर : एक परिचय प्रशासकों और नीति-निर्माताओं के लिए उपयोगी होगी। शोधार्थियों और विद्यार्थियों को भी इससे अध्ययन में सहायता मिलेगी।

जिले की भविष्य की विकास दिशा पर भी ध्यान

पुस्तक केवल जशपुर के अतीत और वर्तमान तक सीमित नहीं है। इसमें बेहतर प्रशासन और भविष्य के विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया गया है। इससे आगे होने वाले शोध को आधार मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन शासन और नागरिकों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में इसकी केंद्रीय भूमिका रहती है। इसलिए प्रशासनिक अनुभवों का दस्तावेजीकरण अन्य क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी हो सकता है।

उन्होंने प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह अध्ययन जशपुर की पहचान को व्यापक मंच देगा। साथ ही, जिले के भविष्य की विकास दिशा तय करने में भी मदद करेगा।

कुल मिलाकर, जशपुर : एक परिचय जशपुर के प्रशासन, समाज, संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को एक साथ प्रस्तुत करता है। यह प्रकाशन जिले की विकास यात्रा समझने के लिए उपयोगी संदर्भ बन सकता है।

Share This Article
Leave a comment